• Thu. Oct 21st, 2021

Literature

  • Home
  • तुम्हे न अपना वत़न मिलेगा..

तुम्हे न अपना वत़न मिलेगा..

अपना वतन —————– तो एक गाँधी था मुल्क में जो उठा के लाठी चला था लड़ने बमों से फाँसी मशीनगन से ब्रीतानी-चालाकियों के फ़न से वो एक लाठी जिसे सहारा…

केदारनाथ सिंह स्मृति सम्मान 2021 के लिए रचनाएं/नाम आमंत्रित

हिंदी की साहित्यिक पत्रिका ‘साखी’ ने कवि केदारनाथ सिंह की याद में वर्ष 2021 से दो युवा कवियों को हर साल ‘केदारनाथ सिंह स्मृति सम्मान’ देने का निर्णय लिया है।…

ऋषभदेव शर्मा की तीन पुस्तकों का हुआ लोकार्पण

लोकार्पण- दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा, हैदराबाद में आयोजित त्रिदिवसीय राष्ट्रीय साहित्यिक परिसंवाद के उद्घाटन सत्र में 5 अगस्त, 2021 को श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, दिल्ली के…

शिक्षा से ही विश्वगुरु बन सकता है भारत : प्रो. रमेश कुमार पांडेय

नई शिक्षा नीति भारत के भविष्य के लिए दस्तावेज : प्रो. राममोहन पाठक दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा में त्रिदिवसीय राष्ट्रीय परिसंवाद : ‘गांधी दर्शन के आलोक में राष्ट्रीय शिक्षा…

सरकार को अर्ज़ी

*************** “सरकार! सरकार! मैं लाचार/बीमार आपकी प्रजा लोकतंत्र की सजा! दिलाना चाहता हूं आपको ध्यान मैंने किया था मतदान “आपको”– अरे बाबा “आप” मतलब सरकार को! क्या करूँ- देनी पड़…

तुझसे जितनी बार मिला हूं, पहले-पहली बार मिला हूं : विज्ञान व्रत

महफ़िल ए बारादरी में शायरों ने गढ़े इश्क़ के नए प्रतिमान सिया, गुलशन, मासूम, सुरेंद्र, उर्वी, तारा, रमा, तरुणा, सुहासिनी, माला, तूलिका, अंजू, वीना, ज़िया, कीर्ति ने किया इंसानी रिश्तों…

प्रेम नाम है मेरा..प्रेम चोपड़ा

–राजीव तनेजा इस संवाद के ज़हन में आते ही जिस अभिनेता का नाम हमारे दिलोदिमाग में आता है..वह एक घने बालों वाला..हीरो माफ़िक सुन्दर कदकाठी लिए हुए व्यक्ति का चेहरा…

लोपामुद्रा एक गजब की किताब है..

आनंद कुमार हाल ही में एक वेब-सीरीज को लेकर विवाद जारी था और उसके एक एपीसोड के नाम की वजह से “अतापी-वतापी” नाम सुना हुआ होगा। महाभारत में ये कहानी…

मीडिया 360 लिट्रेरी फाउंडेशन के कथा संवाद ने किया चौथे वर्ष में प्रवेश

दर्द में डूबों को कलम ने ही प्रदान की है संजीवनी : उपाध्याय नकारात्मक दौर में सकारात्मकता का मंच है कथा संवाद : हरियश राय गाजियाबाद। मीडिया 360 लिट्रेरी फाउंडेशन…

उपन्यास “गली हसनपुरा” पढ़ना चाहिए

यूँ तो रजनी मोरवाल जी का साहित्य के क्षेत्र में जाना पहचाना नाम है और मेरा भी उनसे परिचय फेसबुक के ज़रिए काफी समय से है लेकिन अब से पहले…

हिंदी »