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बिहार की बेटी रश्मि ने गोपालगंज का नाम किया रोशन

लखनऊ : यूं तो बिहार राज्य में इससे पहले भी रुपहले पर्दे पर अपनी पहचान स्थापित की है और यह जताया है कि यहां प्रतिभाओं की कमी नहीं हैं। शत्रुध्न…

सीएम आगमन पर मांगों को लेकर मिलेंगे छात्र

स्व० राजेश्वर सिंह जी के मूर्ति अनावरण कार्यक्रम को स्नातकोत्तर महाविद्यालय गाजीपुर के धरा-धाम पर होने वाला उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  के आगमन सम्पूर्ण महाविद्यालय परिवार के…

विटामिन ए की खुराक पिलाकर बाल स्वास्थ्य पोषण माह का किया शुभारंभ

गाज़ीपुर।जिले में बाल स्वास्थ्य पोषण माह 28 जुलाई से शुरू हो चुका है। इसके अंतर्गत नौ माह से पाँच साल तक के बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाई जा…

प्रेमचंद की रचनाएं भारत के गांवों का प्रतिनिधित्व करती हैं

दिलदारनगर(ग़ाज़ीपुर)। प्रेमचंद्र की 141वे जन्मतिथि के अवसर पर दिलदार नगर पंचायत स्थित जनार्दन ज्वाला के निवास पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता भोजपुरी साहित्य के वटवृक्ष …

कलेक्टर साब! यह एक वरिष्ठ पत्रकार की मौत भर नहीं है बल्कि आप के हेल्थ सिस्टम की भी मौत है..?

०आरोप : गाजीपुर में वरिष्ठ पत्रकार की जिला अस्पताल में लापरवाही से मौत ० डीएम ने बैठाई जांच, एडीएम ने सौंपी जांच रिपोर्ट. ० शासन- प्रशासन से आर्थिक सहयोग कराने…

साहित्यकार डॉ० विजयानन्द को मिला “हिंदी अकादमी शिक्षारत्न सम्मान”

गाजीपुर। विकास खण्ड मनिहारी के ग्राम बखरा निवासी साहित्यकार डॉ.विजयानन्द को उनकी बहुमुखी साहित्य सेवा एवं हिंदी अकादमी मुंबई के कार्यक्रमों में सहभागिता के लिए ” हिंदी अकादमी शिक्षारत्न सम्मान…

समाचारों की विश्वसनीयता ही होती है पत्रकार की पहचान

  गाजीपुर। पत्रकार द्वारा लिखे गये या दिखाये गये समाचार की विश्वसनीयता ही उसकी पहचान होती है आज डिजिटल मीडिया के दौर मे समाचार को पहले दिखाने की होड़ मे…

ब्रिगेड़ियर उस्मान : बंटवारे के समय पाकिस्तानी ‘आर्मी चीफ’ का पद तक ठुकरा दिया था ‘नौशेरा का यह शेर’..

माटी के लाल आज़मियों की तलाश में… ० पाकिस्तान ने उसके सिर पर 50 हजार का ईनाम रखा था. ०36 वर्ष में शहीद हो गये थे ब्रिगेड़ियर उस्मान. ० मरणोपरांत…

1942 में तरवां थाना फूंकने वाले कामरेड तेजबहादुर सिंह को ब्रितानी हुकूमत ने तीन बरस तक जंजीरों में जकड़े रखा..

माटी के लाल आजमगढ़ियों की तलाश में.. ० आजाद भारत में 1952 में मेंहनगर से पहले विधायक बने ० विधायक और एमएलसी ही नहीं,एक बड़े जननेता और बहुतों के पोलिटिकल…

एक तवायफ़ को आजमगढ़ ने जिला पंचायत का चैयरमेन बना संगीत और कला के सम्मान को आसमान की ऊंचाई दी

माटी के लाल आजमगढ़ियों की तलाश में.. ० गायिका और नृत्यांगना कामेश्वरी बाई ने 7-8 बरस की उम्र में पैरों में घुंघरू बांध लिया था.. ० पहली शिक्षिका -मां ‘अच्छन…

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