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मण्डलायुक्त ने दिया निर्देश, सामुदायिक शौचालयों एवं पंचायत भवनों के निर्माण में पंचायत सचिवों के कार्यों की हो निरन्तर मानीटरिंग

ByArvind Singh

Nov 18, 2020

कोविड-19 की टेस्टिंग किसी भी दशा में लक्ष्य कम नहीं होनी चाहिए : मण्डलायुक्त
आज़मगढ़ 18 नवम्बर.मण्डलायुक्त विजय विश्वास पन्त ने कहा है मण्डल के जनपदों में पराली जाने की घटना को रोकने के लिए सतर्क दृष्टि रखी जाय तथा पराली जलाये जाने से खेतों की उर्वरा शक्ति पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों एवं वातावरण के दूषित होने के फलस्वरूप होने वाली बीमारियों के प्रति कृषकों को निरन्तर जागरूक किया जाय। मण्डलायुक्त श्री पन्त ने बुधवार को अपने कार्यालय के सभागार में आयोजित मण्डलीय समीक्षा बैठक के दौरान तीनों जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि सीएचसी एवं पीएचसी पर तैनात चिकित्सकों को रात्रि में तैनाती स्थल पर ही आवासित रहना सुनिश्चित करें। उन्होंने तीनों जनपद के जिलाधिकारियों से कहा कि चिकित्सकों के तैनाती स्थल पर उपस्थिति का अपने स्तर से औचक निरीक्षण भी करायें। श्री पन्त ने निर्देश दिया कि कोविड-19 की टेस्टिंग पर विशेष ध्यान दिया जाय, किसी भी दशा में लक्ष्य से कम टेस्टिंग नहीं होनी चाहिए। आयुष्मान भारत की समीक्षा के दौरान पाया गया कि जनपद बलिया में गोल्डेन कार्ड के लाभार्थियों की संख्या में एक माह के अन्तराल में दो लाख से अधिक वृद्धि हुई है। मण्डलायुक्त द्वारा इस सम्बन्ध में पृच्छा करने पर अवगत कराया गया है कि विगत माह त्रूटिपूर्ण विवरण प्रेषित किया गया था। मण्डलायुक्त श्री पन्त ने घोर लापरवाही मानते हुए संयुक्त निदेशक स्वाथ्य को निर्देश दिया कि इस सम्बन्ध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी बलिया से स्पष्टीकरण प्राप्त किया जाय। इसी प्रकार अपने विभाग से सम्बन्धित प्रगति की जानकारी देने हेतु संयुक्त निबन्धक/संयुक्त आयुक्त, सहकारिता बैठक में उपस्थित नहीं थे, जबकि मुख्यालय से बाहर जाने हेतु उनके द्वारा अनुमति भी नहीं ली गयी थी। मण्डलायुक्त ने इस पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए संयुक्त निबन्धक/संयुक्त आयुक्त, सहकारिता का एक दिन का वेतन रोकने तथा उनसे स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। मण्डल के जनपदों में धान खरीद की समीक्षा में बताया गया कि आज़मगढ़ में 69 में से 66 केन्द्रों पर, बलिया में 75 में 29 केन्द्रों पर खरीद जारी है, जबकि मऊ में 15 केन्द्रों पर खरीद नहीं हुई है। उन्होंने कहा जनपद बलिया में धान खरीद के सम्बन्ध में अधिक शिकायतें मिल रही हैं तथा मऊ में भी धान खरीद की स्थिति ठीक नहीं है। उन्होने संभागीय खाद्य नियन्त्रक को निर्देश दिया कि तत्काल आरएमओ, डिप्टी आरएमओ आदि के साथ दोनों जनपदों का भ्रमण कर वस्तुस्थिति से अवगत करायें। उन्होने उप निदेशक, अर्थ एवं संख्या को निर्देश दिया कि ग्रामों में 5 लाख से अधिक लागत के कार्यों की जाॅंच मण्डलीय टीम के माध्यम से कराई जाय।

मण्डलायुक्त विजय विश्वास पन्त ने गावों में सामुदायिक शौचालयों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा में पाया कि आज़मगढ़ में 104, मऊ में 325 एवं बलिया में 85 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण अनारम्भ है। इस सम्बन्ध में बताया गया कि इनमें अधिकांश गांवों में जमीन का चयन नहीं हो पा रहा है। उन्होंने तीनों जनपदों के मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि व्यक्गित रूचि लेकर यथाशीघ्र स्थल चयन की कार्यवाही पूर्ण कराते हुए निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाय। पंचायत भवनों के निर्माण की समीक्षा मंे पाया गया कि केवल आज़मगढ़ में 42 पंचायत भवन पूर्ण हैं, जबकि तीनों जनपदों में बड़ी संख्या में पंचायत भवनों का निर्माण कार्य अभी अनारम्भ है। मण्डलायुक्त ने इस स्थिति पर भी असन्तोष व्यक्त किया तथा मुख्य विकास अधिकारियों को इस ओर विशेष दिये हेतु निर्देशित किया। उन्होंने तीनों जनपद के जिला पंचायत राज अधिकारियों को निर्देशित किया कि सामुदायिक शौचालयों एवं पंचायत भवनों के निर्माण में पंचायत सचिवों के कार्योें की निरन्तर मानीटरिंग की जाय। हैण्डपम्पों की रिबोरिंग के सम्बन्ध में उन्होंने मुख्य विकास अधिकारियों से कहा कि सबसे अधिक रिबोर वाले 3-4 गांवों का स्थलीय निरीक्षण करायें तथा वस्तुस्थिति से अवगत करायें। प्रधानमन्त्री आवास योजना-नगरीय की समीक्षा में पाया गया कि बहुत से ऐसे लाभार्थी हैं जिन्हें आवास की धनराशि निर्गत की गयी है परन्तु उनके द्वारा धनराशि अन्य कार्यों में व्यय कर दी गयी है। मण्डलायुक्त श्री पन्त ने इस स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए परियोजना अधिकारी डूडा को निर्देशित किया कि ऐसे लाभार्थियों को तत्काल आवास निर्माण हेतु फोर्स किया जाय अथवा उनके विरुद्ध सख्त ऐक्शन लिया जाय। मण्डलायुक्त ने कहा कि जनपदों में बहुत सी ऐसी सड़कें हैं जिसपर निर्माण कार्य अत्यन्त जरूरी था, परन्तु कार्य दूसरी सड़क पर कराये जा रहे हैं। इस सम्बन्ध में उन्होंने तीनों जिलाधिकारियों से कहा कि लोक निर्माण विभाग के जो नये निर्माण कार्य कराये जा रहे हैं उनके चयन के आधार एवं औचित्य की जाॅंच करायें। बैठक में अन्य कार्यों की भी विस्तार से समीक्षा की गयी।

इस अवसर पर जिलाधिकारी आज़मगढ़ राजेश कुमार, जिलाधिकारी मऊ अमित सिंह बंसल, जिलाधिकारी बलिया श्रीहरि प्रताप शाही, मुख्य विकास अधिकारी आज़मगढ़ आनन्द कुमार शुक्ला, मुख्य विकास अधिकारी मऊ रामसिंह वर्मा, वन संरक्षक डा. बोनिक चन्द्र ब्रम्हा, उप निदेशक, अर्थ एंव संख्या अमजद अली अन्सारी, उप निदेशक पंचायत राम जियावन, संयुक्त निदेशक माध्यमिक शिक्षा एपी वर्मा, संयुक्त निदेशक, स्वास्थ्य डा. मुकीमुल्लाह, संयुक्त कृषि निदेशक एसके सिंह, मुख्य अभियन्ता विद्युत सहित अन्य मण्डलीय अधिकारी उपस्थित थे।

50 लाख से अधिक लागत के निर्माण कार्यों की मण्डल स्तरीय समीक्षा बैठक 21 नवम्बर को– मण्डलायुक्त विजय विश्वास पन्त द्वारा 21 नवम्बर को दिन में 12 बजे से उनके कार्यालय के सभागार में, मण्डल के जनपदों में 50 लाख से अधिक लागत की समस्त निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा की जायेगी। यह जानकारी देते हुए उप निदेशक, अर्थ एवं संख्या अमजद अली अन्सारी ने कार्यदायी संस्थाओं तथा सम्बन्धित प्रशासकीय विभाग के मण्डलीय अधिकारियों से उक्त बैठक में समय से प्रतिभाग करने की अपेक्षा की है।

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