प्रदेश के सभी जिलों में क्रियाशील निजी मेडिकल कॉलेजों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने की कार्यवाही तेजी से की जाए- योगी आदित्यनाथ

कोविड-19 प्रबंधन हेतु गठित टीम-11 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देश

– बीते 24 घंटों में प्रदेश में 22 हजार से अधिक लोग कोरोना संक्रमण से मुक्त हुए हैं। स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या में हर दिन हो रहा यह इजाफा अत्यंत सुखद है। हम सभी अगर कोविड विहेवियर को अमल में लाएं, टेस्ट, ट्रेस और ट्रीट के मंत्र को आत्मसात करें, तो निश्चित ही कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई में हमारी जीत होगी।

– प्रदेश में ऑक्सीजन की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है। इसी क्रम में आज ऑक्सीजन आपूर्ति व्यवस्था की लाइव मॉनिटरिंग के लिए वेब पोर्टल का शुभारंभ किया गया है। यह ऑक्सीट्रैकर पोर्टल ऑक्सीजन की मांग, कुल आवंटन, गाड़ियों की लाइव लोकेशन, जिलों में उपलब्धता व खपत सहित सभी आवश्यक जानकारी से अपडेट रहेगा।

– प्रदेश में उपलब्ध सभी चिकित्सा संसाधनों पर सभी नागरिकों का समान अधिकार है। रेमेडेसीवीर आदि जीवनरक्षक दवाओं के वितरण में किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो। चिकित्सकों के परामर्श के अनुसार आवश्यकता के अनुरूप सभी को दवा उपलब्ध कराई जाए। आपूर्ति के साथ-साथ इसकी वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने की आवश्यकता है।

– शुक्रवार रात्रि 08 बजे से सोमवार प्रातः 07 बजे तक साप्ताहिक कोरोना कर्फ्यू प्रभावी रहेगा। प्रदेश के सभी जिलों में इसे सख्ती से लागू किया जाए। इस अवधि में कोविड टीकाकरण का कार्य सतत जारी रहेगा। वैक्सीनेशन के लिए लोगों को आवागमन की पूरी छूट रहेगी। औद्योगिक इकाइयां सतत संचालित रहेंगी। आवश्यक सेवाओं पर कोई रोक नहीं है।

– भारत सरकार के सहयोग से ‘ऑक्सीजन एक्सप्रेस’ संचालित किया जा रहा है। प्रदेश के सभी जिलों के सभी छोटे-बड़े अस्पतालों में ऑक्सीजन की उपलब्धता पर 24×7 नजर रखी जाए। ऑक्सीजन की मांग और आपूर्ति में संतुलन बनाने की आवश्यकता है। ऐसे में ऑक्सीजन ऑडिट कराई जाए। जो लोग होम आइसोलेशन में इलाजरत हैं, उन्हें भी आवश्यकता के अनुसार ऑक्सीजन उपलब्ध कराया जाए। प्रदेश में कहीं भी ऑक्सीजन की कमी नहीं होने दी जाएगी।

– आज जब पूरा देश कोरोना महामारी के खिलाफ एकजुट होकर लड़ रहा है, ऐसे आपदाकाल में भी कुछ लोग दवाओं की कालाबाजारी, अफवाह फैलाने अथवा माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे लोगों के विरुद्ध गैंगस्टर एवं एनएसए के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाए। इनकी सम्पत्ति जब्त की जाएगी।

– रेमेडेसीवीर जैसी जीवनरक्षक दवाओं का प्रदेश में कोई अभाव नहीं है। हर दिन इसकी आपूर्ति बढ़ाई जा रही है। वर्तमान में प्रदेश में रेमेडेसीवीर इंजेक्शन की पर्याप्त उपलब्धता है। मांग को देखते हुए दवा निर्माता कंपनियों से सतत संवाद बनाएं और डिमांड भेज कर आपूर्ति सुनिश्चित कराया जाए। भारत सरकार के सहयोग से प्रदेश को अतिशीघ्र रेमडेसिविर के सवा लाख वायल प्राप्त हो जाएंगे। इससे प्रदेश में रेमडेसिविर की आपूर्ति और व्यवस्थित हो जाएगी।

– कोविड संक्रमित मरीजों और उनके परिजनों के साथ संवेदनशील और मर्यादित व्यवहार किया जाए। इलाज के।लिए सरकार ने दरें तय की हैं, उससे अधिक शुल्क न लिया जाए। मनमाने ढंग से शुल्क लिए जाने की शिकायत पर नियमसंगत कठोरतम कार्रवाई की जाए। मरीज के परिजनों को मरीज के स्वास्थ्य के संबंध में हर दिन दो बार जानकारी दी जाए।

– प्रदेश के सभी जिलों में क्रियाशील निजी मेडिकल कॉलेजों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने की कार्यवाही तेजी से की जाए। कोविड केयर फंड तथा उद्योग जगत के सीएसआर फंड का इस कार्य में बेहतर उपयोग किया जा सकता है। चिकित्सा शिक्षा विभाग इस महत्वपूर्ण कार्य को युद्ध स्तर पर आगे बढ़ाए।

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