05 मई से विशेष कोविड टेस्टिंग अभियान शुरू घर घर पहुंचेगी जांच टीम

कोविड-19 प्रबंधन हेतु गठित टीम-09 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देश

– कोविड संक्रमण से गांवों को सुरक्षित रखने के लिए 05 मई से विशेष कोविड टेस्टिंग अभियान शुरू हो रहा है। इस अभियान के तहत निगरानी समितियां घर-घर जाकर लोगों का इंफ्रारेड थरमामीटर से जांच करेंगी, पल्स ऑक्सीमीटर से लोगों का ऑक्सीजन लेवल चेक किया जाएगा। इसके उपरांत कोविड लक्षण युक्त अथवा संदिग्ध लोगों की एंटीजन जांच कराई जाएगी। टेस्ट की रिपोर्ट और मरीज की स्थिति के आधार पर उसे होम आइसोलेशन, इंस्टिट्यूशनल क्वारन्टीन अथवा अस्पताल में इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। होम आइसोलेशन में रखे जाने से पूर्व मरीज को मेडिकल किट दी जाए उसे जरूरी सावधानियों के बारे में विधिवत जानकारी दी जाए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस वृहद अभियान के सम्बंध में टेस्ट किट, आरआरटी की संख्या आदि में बढ़ोतरी सहित सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली जाए।

– होम आइसोलेशन में उपचाराधीन लोगों को जरूरत के अनुसार ऑक्सीजन जरूर उपलब्ध कराया जाए। यह व्यवस्था सभी जिलों में प्रभावी ढंग से लागू की जाए। यदि किसी मरीज का परिजन सिलिंडर रीफिलिंग के लिए प्रयासरत हो तो उसकी मदद की जाए। अपर मुख्य सचिव, गृह इस संबंध में आवश्यकतानुसार कार्यवाही सुनिश्चित कराएं।

– बीते 24 घंटों में प्रदेश में 29,192 नए कोविड केस की पुष्टि हुई है, जबकि इसी अवधि में 38,687 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए हैं। प्रदेश में अब तक 10,43,134 लोगों ने कोविड को हराकर आरोग्यता प्राप्त की है। यह स्थिति संतोषप्रद है। प्रदेश में नए कोविड केस कम हो रहे हैं, जबकि रिकवरी दर बेहतर हो रही है।

– उत्तर प्रदेश सर्वाधिक टेस्टिंग करने वाला राज्य है। बीते 24 घंटों में 2,29,440 सैम्पल टेस्ट हुए, जिसमें 1,29,000 टेस्ट केवल आरटीपीसीआर माध्यम से हुए। ‘टेस्ट, ट्रैक ट्रीट’ के मंत्र के अनुरूप कार्यवाही तेजी से की जाए।

– प्रदेश में ऑक्सीजन की आपूर्ति बेहतर करने के लिए सभी जरूरी प्रयास किये जा रहे हैं। कल सवा सात सौ मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति हुई है। ऑक्सीजन ऑडिट की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर अनावश्यक खपत में कमी आई है। नाइट्रोजन प्लांट में तकनीकी परिवर्तन करके उस से ऑक्सीजन गैस बनाने कीकी भी कार्यवाही की जा रही है। गन्ना विकास विभाग एवं आबकारी विभाग द्वारा चीनी मिलों और डिस्टिलरीज में ऑक्सीजन जेनेरेशन की दिशा में विशेष प्रयास किये जा रहे हैं।एमएसएमई इकाइयों से भी सीधे अस्पतालों को जोड़कर आपूर्ति कराई जा रही है। नए ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना की कार्यवाही तेजी से पूरी की जाए। इसकी हर दिन समीक्षा की जाए।

– बरेली और मुरादाबाद व आसपास के क्षेत्रों में सुचारु आपूर्ति के लिए कल ट्रेन संचालित की गई। आगरा में वायु सेवा से ऑक्सीजन पहुंचाया गया है। अगले एक-दो दिवस के भीतर जामनगर (गुजरात) से 40 टन ऑक्सीजन के साथ ऑक्सीजन एक्सप्रेस आएगी। इसी प्रकार, जमशेदपुर से 10 टैंकरों वाली एक ट्रेन आज चलेगी। पश्चिम बंगाल से भी टैंकर से ऑक्सीजन की आपूर्ति हो रही है। सभी जिलों में आक्सीजन की जरूरत पर नजर रखी जाए।

– कोविड इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर मरीज के परिजनों के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाना अपेक्षित है। हमारा सहयोगपूर्ण रवैया परिजन के लिए इस आपदाकाल में बड़ा सम्बल होगा। हेल्पलाइन में सेवाएं दे रहे कार्मिकों समुचित जानकारी दें। यदि कोई व्यक्ति किसी मरीज़ के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर की रीफिलिंग के लिए जा रहा है तो उसे यथासंभव सहयोग करे उसे रोका न जाए। अस्पताल में भरती मरीज़ों के परिजनों को दिन में कम से कम एक बार उनके मरीज के स्वास्थ्य की जानकारी जरूर दी जाए। स्वास्थ्य मंत्री इस व्यवस्था को सुनिश्चित कराएं।

– कोविड प्रबंधन में इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर की भूमिका रीढ़ की तरह है। सभी जिलों में इसे और प्रभावी बनाने की जरूरत है। होम आइसोलेशन में उपचाराधीन लोगों से हर दिन संवाद बनाया जाना चाहिए। सीएम हेल्पलाइन,आइसीसीसी सहित सभी हेल्पलाइन पर कार्यरत कार्मिक मरीजों/परिजनों को सही और समुचित जानकारी देना सुनिश्चित करें। उनके साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए।
स्वास्थ्य राज्य मंत्री लखनऊ के आइसीसीसी का औचक निरीक्षण कर व्यवस्था की पड़ताल करें।

– होम आइसोलेशन में इलाज करा रहे लोगों को मेडिकल किट जरूर उपलब्ध कराएं। प्रदेश में आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है। जितनी जल्दी इलाज शुरू होगा, स्वास्थ्य लाभ भी उतना ही शीघ्र होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी समितियों को इस कार्य में सक्रिय किया जाए।

– सभी डीएम/सीएमओ अपने जनपद के जनप्रतिनिधियों एवं क्षेत्रीय जनता के सतत संपर्क में रहें। जनप्रतिनिधियों का अनुभव और मार्गदर्शन कोविड प्रबंधन में सहायक होगा। फील्ड में तैनात सभी अधिकारी एक्टिव मोड में रहें।

– स्वच्छता, सैनिटाइजेशन तथा फाॅगिंग कार्य युद्ध स्तर पर किया जाए। इसके लिए फायर विभाग के वाहनों का भी उपयोग किया जाए। मास्क के अनिवार्य उपयोग के सम्बन्ध में प्रवर्तन की कार्यवाही प्रभावी ढंग से जारी रखी जाए। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी समिति पूरी सक्रियता से कार्य करें। औद्योगिक इकाइयों में कोविड प्रोटोकाॅल का पालन कराते हुए गतिविधियां संचालित की जाएं।

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