थानाध्यक्ष की सूझ-बुझ से वर्षों के विवाद की ख़त्म हुई मियाद

साझी विरासत के इस ऐतिहासिक क़स्बे में विचारों की गलियाँ भले ही अलग -अलग हों पर भाईचारे और मुहब्बत के एक ही कारवाँ पर पूरा क़स्बा दशकों से अपनी जिंदगियों को ख़ूबसूरती से रवाँ कर रहा है ।उम्मीद है कि ये ख़ूबसूरत कारवाँ यूँ ही बदस्तूर पूरी शिद्दत से इसी तर्ज़ पर चलता
रहेगा ।

 

 

चिरैयाकोट( मो०अख्तर, मऊ).कोई भी मसला ऐसा नहीं जिसका हल न हो ।बस दख़ल और पहल ईमानदारी के साथ होनी चाहिए ।इसी की बानगी आज मऊ जनपद के चिरैयाकोट नगर पंचायत में देखने को मिली ।वर्षों से दो समुदायों के बीच तल्खियों के कारण रहे मसले ने मौजूदा थाना प्रभारी *अमित कुमार मिश्र*की सूझ -बुझ और सकारात्मक पहल के नतीजतन और सी॰ओ॰ मुहम्मदाबाद गोहना राजकुमार सिंह व एस॰डी॰एम॰ लाल बाबू दुबे के मर्गदर्शन में दम तोड़ गया ।
क्या थी विवाद की बुनियाद

बतला दें कि चिरैयाकोट थाना के अंतर्गत नगर पंचायत चिरैयाकोट में रामलीला कमेटी और मस्जिद कमेटी “पुराना थाना “ के इंतेज़ामियाँ के दरमियान बारहवफ़ात के जूलूस तथा रामबारात के रूट के साथ -साथ उक्त मस्जिद के पूर्वी निकास और सीढ़ी को लेकर मनमूटाव था ।इन विवादास्पद बिंदुओं पर दोनों पक्षों में वर्षों से एखतेलाफ थे । जिसके कारण दोनों पक्ष किसी सकारात्मक नतीजे तक नहीं पहुँच पा रहे थे ।विगत दिवस पीस मीटिंग में थाना प्रभारी चिरैयाकोट अमित मिश्रा की अध्यक्षता में दोनों पक्षों के ज़िम्मेदार लोगों की मौजूदगी में उक्त प्रकरण को हल करने की सकारात्मक कोशिश की
गई थी ,पर कोई आपेक्षित नतीजा नहीं निकल सका था ।

सारी कोशिशों के बावजूद कुछ नाइत्तेफ़ाकियों की कड़ियाँ अभी भी जुड़ी हुई थी ।तहसील मुहम्मदाबाद गोहना के आला अधिकारियों की नज़र में यह प्रकरण प्रमुखता से बना हुआ था ।नतीजतन सी॰ओ॰ राजकुमार सिंह और एस॰डी॰एम॰ आज अपराह्न चिरैयाकोट थाना में आ पहुँचे और दोनों पक्षों के पदाधिकारियों को बुलवाया ।एस॰डी॰एम॰ ,सी॰ओ॰ और थाना प्रभारी की मौजूदगी में क़स्बे के तमाम आम व ख़ास लोगों की उपस्थिति में उक्त प्रकरण को बड़े सलीक़े से सुलझा दिया गया ।बतला दें कि रामलीला मैदान और पुराने थाने की मस्जिद दोनों नगर के यूसुफ़ाबाद वार्ड में स्थित है।

एक नज़र सुलह के बिंदुओं पर 

दोनों पक्षों में यह सहमति बनी कि बारहवफ़ात का जूलूस रामलीला मैदान से न जाकर आम रास्ते से होते हुए ,कादरिया मदरसे के मैदान में प्रवेश करेगा। रामबारात का रूटचार्ट हाजी ऐनुल हक़ के घर से सटे रास्ते से होते हुए ,रामलीला मैदान तक होगा ।सुलहनामा की तहरीर के साए में यह भी मुक़र्रर हुआ कि उक्त मस्जिद का पूर्वी गेट दक्षिण जानिब स्थानांतरित कर दिया जाएगा और रामलीला मैदान की ज़मीन की पैमाईश त्यौहार समाप्ति के बाद दोनों पक्ष अपनी मौजूदगी में करवाएँगे और कोई नाली का पानी इस मैदान के दाएरे में नहीं आएगा ।इस मौक़े पर प्रथम पक्ष अर्थात् रामलीला कमेटी की तरफ़ से रामजी पांडेय ,प्रकाश पांडेय,अमित वर्मा इत्यादि मौजूद रहे वहीं मस्जिद कमेटी (द्वितीय पक्ष ) की तरफ़ से मौलाना अख़तरुल इस्लाम ,अब्दुलसत्तार क़ुरैशी ,मुन्ना इत्यादि उपस्तिथ रहे ।

साझी विरासत के इस ऐतिहासिक क़स्बे में विचारों की गलियाँ भले ही अलग -अलग हों पर भाईचारे और मुहब्बत के एक ही कारवाँ पर पूरा क़स्बा दशकों से अपनी जिंदगियों को ख़ूबसूरती से रवाँ कर रहा है ।उम्मीद है कि ये ख़ूबसूरत कारवाँ यूँ ही बदस्तूर पूरी शिद्दत से इसी तर्ज़ पर चलता
रहेगा ।

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