सार्वजनिक स्थानों पर फेस मास्क लगाए जाने की व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए: मुख्यमंत्री

न्यूज़ ऑफ इंडिया ( एजेंसी)

लखनऊ:मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में कोविड-19 से बचाव व उपचार की व्यवस्थाओं को पूरी तरह प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर फेस मास्क लगाए जाने की व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।

मुख्यमंत्री आज यहां लोक भवन में टीम 9 की बैठक में प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कोविड टीकाकरण अभियान की प्रगति संतोषजनक है। बच्चों के टीकाकरण को तेज किया जाए। 12 से 14 आयु वर्ग के बच्चों के टीकाकरण और 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों को बूस्टर डोज दिए जाने में तेजी लाने की आवश्यकता है। बूस्टर डोज के महत्व और बूस्टर टीकाकरण केन्द्रों के बारे में आमजन को जागरूक किया जाए।

मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि पिछले 24 घण्टों में राज्य में कोरोना संक्रमण के 142 नए मामले सामने आए हैं। इस अवधि में 214 व्यक्तियों को सफल उपचार के उपरान्त डिस्चार्ज किया गया है। वर्तमान में प्रदेश में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या 948 है। पिछले 24 घण्टे में प्रदेश में 01 लाख 34 कोरोना टेस्ट किए गए। अब तक राज्य में 11 करोड़ 31 लाख 12 हजार 769 कोविड टेस्ट सम्पन्न हो चुके हैं।

बैठक में यह जानकारी भी दी गयी कि राज्य में गत दिवस तक 32 करोड़ 15 लाख 37 हजार से अधिक कोरोना वैक्सीन की डोज लगाई जा चुकी हैं। 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 13 करोड़ 38 लाख 24 हजार से अधिक लोगों को टीके की दोनों डोज देकर कोविड सुरक्षा कवच प्रदान किया जा चुका है। इस प्रकार 90.78 प्रतिशत लोग कोविड टीके की दोनों डोज ले चुके हैं। 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 15 करोड़ 31 लाख 15 हजार से अधिक लोगों ने कोविड वैक्सीन की पहली डोज प्राप्त कर ली है।

विगत दिवस तक 15 से 17 वर्ष आयु वर्ग में 96.41 प्रतिशत किशोर कोविड वैक्सीन की प्रथम डोज तथा 72.49 प्रतिशत किशोर टीके की दूसरी खुराक प्राप्त कर चुके हैं। 12 से 14 वर्ष आयु वर्ग के 65 लाख 22 हजार से अधिक बच्चों ने टीके की पहली खुराक तथा 14 लाख 27 हजार से अधिक बच्चों ने टीके की दूसरी खुराक प्राप्त कर ली है। 29 लाख 77 हजार से अधिक प्रिकॉशन डोज प्रदान की जा चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के व्यापक हित के दृष्टिगत राज्य सरकार ने विगत तीन दशकों से बंद पड़े राज्य सरकार के ए0एन0एम0 एवं जी0एन0एम0 प्रशिक्षण संस्थानों के पुनर्संचालन का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि ए0एन0एम0 एवं जी0एन0एम0 के बेहतर प्रशिक्षण के लिए अवस्थापना सुविधाओं के विकास की जरूरत है। प्रत्येक संस्थान में मानकों का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए। प्रत्येक संस्थान में स्तरीय फैकल्टी की पर्याप्त व्यवस्था की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इंसेफेलाइटिस सहित विभिन्न जल-जनित बीमारियों के नियंत्रण तथा कोविड प्रबन्धन के लिए जन स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रदेश सरकार को यूनिसेफ, डब्ल्यू0एच0ओ0, बिल एण्ड मिलिण्डा गेट्स फाउण्डेशन और पाथ जैसी वैश्विक संस्थाओं से अच्छा सहयोग प्राप्त हुआ है। इन संस्थाओं के प्रतिनिधियों से सतत संवाद बनाये रखा जाए। संवाद-संपर्क के माध्यम से निकट भविष्य में प्रदेशवासियों के हित में और भी नई परियोजनाएं शुरू की जा सकेंगी।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हिंदी »