जम्मू-कश्मीर आरक्षण पर आज अपना पहला बिल संसद में पेश करेंगे अमित शाह

संसद के चालू बजट सत्र के दौरान लोकसभा में सोमवार को केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह संसद में अपना पहला बिल पेश करेंगे। हिन्दुस्तान टाइम्स के मुताबिक, यह जम्मू कश्मीर आरक्षण संशोधन विधेयक 2019 है। इस हफ्ते जम्मू कश्मीर से संबंधित एक और बिल लोकसभा में पेश किया जाएगा। यह जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति द्वारा लगाये गए अनुच्छेद 356 को जारी रखने का प्रस्ताव है।

संसद के दोनों सदनों में तीन तलाक पर रोक का प्रावधान करने वाले मुस्लिम महिला विवाद अधिकार संरक्षण विधेयक पर चर्चा होगी जो संसद से पारित होने के बाद अध्यादेश का स्थान लेगा। 17वीं लोकसभा के गठन के बाद नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का यह पहला विधेयक है। केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने लोकसभा में भारी हंगामे के बीच यह विधेयक पेश किया था । सरकार के पिछले कार्यकाल में भी तीन तलाक पर विधेयक लाया गया था लेकिन लोकसभा से पारित हो जाने के बाद यह राज्यसभा से पास नहीं हो पाया था ।

BJP ने उपचुनाव के लिए कमर कसी, रखा ये लक्ष्य

सदन में जम्मू कश्मीर आरक्षण संशोधन विधेयक 2019 भी चर्चा एवं पारित करने के लिये लाया जायेगा । इसके तहत जम्मू कश्मीर आरक्षण अधिनियम 2004 में संशोधन करने की बात कही गई है। इसके जरिये अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास रहने वाले लोगों को भी, वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास रहने वाले लोगों की तरह ही आरक्षण का लाभ मिल सकेगा। दोनों सदनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होगी। 17वीं लोकसभा के गठन के बाद बुलाये गए संसद के पहले सत्र के दौरान 40 विधेयकों पर चर्चा एवं उन्हें पारित कराये जाने के लिये लाने की योजना है। इनमें से कुछ विधेयकों को अध्यादेश के स्थान पर लाया जायेगा जबकि कुछ विधेयक राज्यसभा में पेश किये जाने के बाद संसदीय समितियों को भेजे गये थे।

इस हफ्ते राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव लोकसभा में प्रताप चंद सारंगी पेश करेंगे और इसका सहसमर्थन डा. हीना गावित करेंगी। राज्यसभा में यह प्रस्ताव जे पी नड्डा पेश करेंगे जबकि इसका सह समर्थन श्रीमति सम्पतिया करेंगी। लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के लिये 10 घंटे का समय तय किया गया है जबकि जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति द्वारा लगाये गए अनुच्छेद 356 को जारी रखने के प्रस्ताव पर चर्चा के लिये तीन घंटे का समय रखा गया है ।

तल्ख तेवर: सीएम योगी बोले- भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं, दोषी बर्खास्त हों

संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने ‘भाषा से कहा कि कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में सभी से चर्चा के बाद कामकाज की रूपरेखा तय की गई है। सरकार चाहती है कि संसद का कामकाज सुचारू रूप से चले। इस सत्र में बजट पेश होना है, साथ ही कई महत्वपूर्ण विधायी कामकाज भी हैं।

लोकसभा में तीन तलाक पर रोक लगाने संबंधी मुस्लिम महिला विवाद अधिकार संरक्षण विधेयक पर चर्चा होगी जो संसद से पारित होने के बाद अध्यादेश का स्थान लेगा । इसमें विवाहित मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण और पतियों द्वारा तीन बार तलाक बोलकर विवाह विच्छेद पर रोक के लिये और तत्संबंधी या उसके आनुषंगिक विषयों के संबंध में प्रावधान किया गया है। संसद में चर्चा एवं पारित होने के लिये पेश किये जाने वाले विधेयकों में जम्मू कश्मीर आरक्षण संशोधन विधेयक 2019 भी शामिल है।

ये विधेकय भी होंगे पेश
सदन में जलियांवाला बाग राष्ट्रीय स्मारक संशोधन विधेयक, उपभोक्ता संरक्षण विधेयक, होम्योपैथी केंद्रीय परिषद संशोधन विधेयक 2019, केंद्रीय शिक्षक संवर्ग आरक्षण विधेयक, मोटरयान संशोधन विधेयक 2019 शामिल हैं। सत्र के दौरान लोक प्रतिनिधित्व संशोधन विधेयक, कंपनी संशोधन विधेयक, आधार और अन्य विधियां संशोधन विधेयक 2019, राष्ट्रीय जांच एजेंसी संशोधन विधेयक, अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी विधेयक, व्यक्तिगत डाटा संरक्षण विधेयक, भारतीय आयुर्विज्ञान संशोधन विधेयक पर चर्चा एवं पारित कराया जायेगा ।

इसके अलावा संसद सत्र में ट्रांसजेंडर व्यक्ति के अधिकारों का संरक्षण विधेयक, नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र विधेयक, चिटफंड संशोधन विधेयक, राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग विधेयक, सरोगेसी विनियमन विधेयक 2019, लैंगिक अपराधों के विरूद्ध बच्चों का संरक्षण विधेयक, मानवाधिकार संरक्षण संशोधन विधेयक को भी चर्चा एवं पारित होने के लिये आगे बढ़ाया जायेगा ।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हिंदी »