आईपीएल 2020 भारत या फिर विदेश में खेला जाए? जानिए BCCI में क्या है लोगों की राय

इंडियन प्रीमियर प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 13वें सीजन को लेकर संकट के बादल अभी भी छाए हुए हैं। कोविड-19 महामारी के चलते इस टूर्नामेंट को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) इस पर नजर बनाए हुए है कि इस साल किस समय इसका आयोजन कराया जा सकता है। इसके अलावा आईपीएल भारत में कराया जाए या विदेश में इसको लेकर भी चर्चा होने लगी है। आईपीएल के वेन्यू को लेकर बीसीसीआई 3-2 में बंट गया है। बहुमत इस बात को लेकर है कि इस लीग को भारत में ही कराया जाए, लेकिन कई पक्ष ऐसे भी हैं, जो जरूरत पड़ने पर इसे विदेश में कराने के बारे में सोच रहे हैं।

बीसीसीआई के एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा कि आईपीएल के आयोजन को लेकर आम सोच यह है कि टूर्नामेंट भारत में ही हो। लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो चाहते हैं कि परिस्थिति की मांग को देखते हुए अगर जरूरत पड़ती है तो इसको भारत के बाहर भी ले जाया जा सकता है। अधिकारी ने कहा, ‘देखिए, अगर आप इस तरह से मौजूदा परिस्थिति को समझना चाहते हैं तो यह फैसला लेने वालों का 3-2 से बंटने का मामला है। किसने क्या कहा, के नाम पर न जाते हुए, मैं आपको बता सकता हूं कि आम धारणा यह है कि भारत में टूर्नामेंट होना न केवल देश के लोगों में सकारात्मकता का प्रतीक होगा, बल्कि हमारी मदद भी करेगा क्योंकि हमें भी विदेश जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।’

‘खिलाड़ियों और लोगों की सुरक्षा अहम’

उन्होंने कहा, ‘लेकिन, यहां कुछ लोग ऐसा भी मानते हैं कि हर हाल में टूर्नामेंट का आयोजन होना चाहिए और ये उनकी प्राथमिकता है और इसका मतलब इसे देश से बाहर ले जाने की है। इसलिए ऐसे में जब हम सभी योजनाओं पर काम कर रहे हैं, तो वेन्यू एक ऐसा मुद्दा है जिसपर और ज्यादा चर्चा करने की जरूरत होगी। इसके अलावा खिलाड़ियों की सुरक्षा और सभी लोगों की सुरक्षा भी हमारी प्राथमिकता है।’ फ्रेंचाइजी एक अधिकारी ने कहा कि देश में टूर्नामेंट का आयोजन हमेशा प्राथमिकता होनी चाहिए।

‘बाहर जानें पर टूर्नामेंट थोड़ा महंगा भी होगा’

उन्होंने कहा, ‘देखिए, अगर टूर्नामेंट का आयोजन देश में होता है तो इससे न केवल दुनिया को एक पॉजिटिव मैसेज जाएगा, बल्कि भारत के लोगों को भी यह विश्वास हो जाएगा कि हम चीजों को फिर से सामान्य करने में सफल रहे। साथ ही अगर आप बाहर जाते हैं तो यह थोड़ा महंगा भी होगा। इसलिए मेरा मानना है कि अधिकतर टीमें भारत को अपनी प्राथमिकता देंगीं।’

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