एक्शन : फर्जी नियुक्तियों में फंसे आजमगढ़ जिला समाज कल्याण व प्रोबेशन अधिकारी, डीएम ने की निलंबन की संस्तुति

CDO की जांच रिपोर्ट के बाद DMराजेश कुमार ने निलंबन की कार्रवाई की संस्तुति कर शासन को रिपोर्ट भेज दी है

आजमगढ़। सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार और उदासीनता की पराकाष्ठा का ताजा प्रमाण आजमगढ़ के जिला समाज कल्याण विकास विभाग में मिला है। यहां फर्जी तरीके से नियुक्तियों की शिकायत पर हुई जांच में कई खुलासे हुए हैं। जिला समाज कल्याण विकास अधिकारी व उनके कार्यालय में तैनात बाबू ने जनता प्राथमिक विद्यालय बासथान जमीलपुर महराजगंज में फर्जी तरीके से अपनी बहू का शिक्षक के पद पर नियुक्ति कर दिया। वहीं जिला प्रोबेशन अधिकारी बीएल यादव व उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी ओमकारनाथ यादव ने मिलीभगत कर अपने भतीजे की नियुक्ति कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर करा दिया। उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी ने भी अपने गांव के एक युवक की नियुक्ति करा दी। प्रोबेशन अधिकारी द्वारा ‘रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष’ योजना के तहत वितरण में भी अनियमितता पाई गई।

जिला प्रोबेशन अधिकारी, बीएल यादव पर भी है आरोप

मुख्य विकास अधिकारी की जांच रिपोर्ट के बाद जिलाधिकारी राजेश कुमार ने निलंबन की कार्रवाई की संस्तुति कर शासन को रिपोर्ट भेज दी है। भाजपा के एक जनप्रतिनिधि ने समाज कल्याण विकास विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों पर दबाव बनाकर जनता प्राथमिक विद्यालय बासथान जमीलपुर महराजगंज में फर्जी तरीके से नियुक्ति कराने का आरोप लगाया है। आरोप है कि जिला समाज कल्याण विकास अधिकारी व बाबू रमेश द्वारा विद्यालय पर दबाव बनाकर एक साल पूर्व अपनी बहू अनीता की युक्ति करा दी गई थी। एरियर के रूप में 864447 रुपये का भुगतान करा लिया गया। वहीं 350 छात्रों के लिए उपलब्ध संसाधन व क्षमता से अधिक छात्र-छात्राओं का पंजीयन दिखाकर नियुक्ति की गई। रमाकांत मिश्र सदस्य प्रदेश परिषद भाजपा की शिकायत मिलने पर जब मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला ने जांच शुरू की तो जिला समाज कल्याण विकास अधिकारी विनोद कुमार सिंह द्वारा सभी अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए। वहीं कई फर्जी अभिलेख भी मिले। इसी प्रकार जिला प्रोबेशन अधिकारी बीएल यादव जो बिहार के बक्शर के जवही दियर के रहने वाले हैं, उनके गांव के ही राम जी ने शिकायत दर्ज कराई की उन्होंने गलत तरीके से अपने भाई के पुत्र विकास कुमार की अपने ही कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर नियुक्ति करा दी। मामला संज्ञान में आते ही सीडीओ ने जांच शुरू कर दी। पता चला कि उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी ओमकार नाथ यादव व जिला प्रोबेशन अधिकारी बीएल यादव ने सात संविदा कर्मचारियों की गलत तरीके से नियुक्ति की है। बीएल यादव ने अपने भतीजे की नियुक्ति की है। वहीं उप परिवीक्षा अधिकारी ओमकारनाथ द्वारा भी गांव के ही एक युवक की नियुक्ति कर वाहन चलवाते थे। मामले की जांच में दोष सिद्ध होने पर मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला की रिपोर्ट पर जिलाधिकारी राजेश कुमार ने निलंबन की कार्रवाई की संस्तुति कर शासन को भेज दी है।
मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला ने बताया कि जिला समाज कल्याण विकास अधिकारी व कार्यरत बाबू, जिला प्रोबेशन अधिकारी व उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की संस्तुति कर शासन को रिपोर्ट भेजी गई है। जांच में कई अनियमितताएं मिली हैं। उनके द्वारा विभाग में ही फर्जी तरीके से कई नियुक्तियां की गईं हैं।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हिंदी »