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आजमगढ़ में तांडव : पलिया में पुलिस ने दलितों के घर नहीं तोड़े, वो तो धरती कांपी और सागर डोल गया..!

पलिया में घरों को पुलिस ने जमीदोज़ नहीं किया-एसपी(?) …तो क्या धरती कांपी और सागर डोल गया..? @ अरविंद सिंह #त्वरित_टिप्पणी यहाँ तस्वीरें चीख-चीख कर बयान कर रहीं हैं कि…

माटी के लाल : रामाधीन सिंह : चलती-फिरती पूरी एक पाठशाला हैं..जिससे हम रोज़ सिखते हैं!

माटी के लाल आजमगढि़यों की तलाश में.. ० उत्तर प्रदेश का पहला मीसा बंदी, 4 बरस से अधिक समय भारत के जेलों में बिताया. ० पूरब के आक्सफोर्ड इलाहाबाद विश्वविद्यालय…

‘आजमगढ़ माटी के लाल’ पुस्तक पर हो रहा है काम

आजमगढ़ : जहाँ-जहाँ आदमी है, वहाँ-वहाँ आज़मी है… ०’आजमगढ़ : माटी के लाल’ पुस्तक योजना को लेकर एक अपील आप से.. एक समय में आजमगढ़ के बारे में कहा जाता…

माटी के लाल : जिस धरमपुर की ‘मुर्दहिया’ को छोड़कर भागे थे, उसी मुर्दहिया’ ने प्रोफेसर तुलसीराम को कालजयी साहित्यकार बना दिया..

माटी के लाल आजमगढि़यों की तलाश में.. ० गरीबी में पैदा हुए, अभाव में पले और प्रभाव में साहित्यकार बन गयें ० जेएनयू के प्रोफेसर ने ‘मुर्दहिया’ को पूर्वी उत्तर…

माटी के लाल : सोशलिस्ट विजयनारायण ने 1962 में लोहिया का इन्टरव्यू किया था

माटी के लाल आजमगढियों की तलाश में.. 1962 में लोहिया का इन्टरव्यू करने वाले विजय नारायण, राजनारायण के साथ बनारस और तिहाड़ जेल गए एकमात्र बनारसी आंदोलनकारी हैं ० पूर्व…

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