सपा सांसद को काशी टोल पर रोके जाने से भड़के कार्यकर्ता, एक्सप्रेसवे पर अतुल प्रधान का धरना
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मेरठ। मेरठ से सटे सरधना थानाक्षेत्र के कपसाड़ गांव में अनुसूचित जाति की महिला सुनीता की हत्या और उसकी बेटी रूबी के अपहरण के मामले में शनिवार सुबह मेरठ आ रहे सपा सांसद रामजीलाल सुमन और सपा कार्यकर्ताओं को एसपी ट्रैफिक ने काशी टोल प्लाजा पर रोक लिया। पुलिस की इस कार्रवाई से सपा कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी फैल गई। कार्यकर्ताओं ने काशी टोल प्लाजा पर हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस और सपा कार्यकर्ताओं के बीच जमकर नोकझोंक हुई। हालात बिगड़ते देख अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा। सपा सांसद को रोके जाने की सूचना मिलते ही सरधना विधायक अतुल प्रधान समर्थकों के साथ काशी टोल पहुंचे। उन्होंने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि यह दबाव की कार्रवाई है। सपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कहा-जब-जब योगी डरता है, पुलिस को आगे करता है। काफी देर तक चली नोकझोंक और हाथापाई के बाद सांसद रामजीलाल सुमन, विधायक अतुल प्रधान, पूर्व विधायक योगेश वर्मा और सपा जिलाध्यक्ष कर्मवीर गुमी समर्थकों के साथ एक्सप्रेसवे पर धरने पर बैठ गए। इधर दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद से दर्जनों गाड़ियों में भीम आर्मी के कार्यकर्ता कपसाड़ जाने के लिए काशी टोल प्लाजा पहुंचे। पुलिस ने उन्हें भी रोक लिया, जिससे भीम आर्मी कार्यकर्ता भड़क उठे।
गुस्साए भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड हटाने की कोशिश की और कुछ कार्यकर्ता जबरन टोल प्लाजा पार कर आगे निकल गए। इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी। कपसाड़ हत्याकांड को लेकर पहले से ही माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। लगातार नेताओं और संगठनों के पहुंचने की कोशिशों के चलते प्रशासन की चुनौती बढ़ गई है। पुलिस प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर अलर्ट मोड पर है। डीआईजी कला निधि नैथानी ने चेक प्वाइंट का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।सरधना के सलावा चौराहे पर पुलिस की नाकेबंदी के चलते चौधरी चरण सिंह कावड़ मार्ग पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
