शासन द्वारा रोका गया बरेली जा रहा सपा का प्रतिनिधिमंडल, अखिलेश यादव बोले- लोकतंत्र की हत्या हुई
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लखनऊ। सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है। बरेली जा रहे समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को सरकार के इशारे पर पुलिस द्वारा रोका जाना निंदनीय है। भाजपा सरकार अपनी विफलता छुपाने के लिए तानाशाही कर रही है।
उन्होंने कहा कि पिछले दिनों सपा के राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन के नेतृत्व में जा रहे प्रतिनिधिमंडल को रोका गया था। बरेली जा रहे प्रतिनिधिमंडल को जगह-जगह रोका जाना भाजपा सरकार की विफलता की निशानी है। समाजवादी प्रतिनिधिमंडल को बरेली के डीआईजी और कमिश्नर से मिलकर वहां शांति बहाली की दिशा में प्रयास करना था। हैरानी की बात है कि बरेली के जिलाधिकारी ने निषेधाज्ञा का हवाला देकर नेता विरोधी दल और समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को बरेली जाने से रोक दिया।
सपा के प्रतिनिधिमंडल में शामिल सांसद हरेंद्र मलिक, सांसद इकरा हसन, जियाउर्रहमान बर्क, मोहिब्बुल्लाह नदवी, नीरज मौर्य, पूर्व सांसद वीरपाल सिंह यादव व प्रवीण सिंह ऐरन, बरेली के सपा जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप व महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी, विधायक शहजिल इस्लाम अंसारी, पूर्व मंत्री भगवत शरण गंगवार, प्रदेश सचिव शुभलेश यादव को भी अलग-अलग स्थानों पर रोका गया।
सपा नेताओं को पुलिस ने बरेली जाने से रोका
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय समेत सपा प्रतिनिधिमंडल के नेताओं को बरेली जाने से रोक दिया गया। सपा नेता माता प्रसाद पांडे ने कहा कि बरेली की घटना की जानकारी के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाया था। शनिवार को वहां जाना था. लेकिन उससे पहले ही हमारे घर के बाहर पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। पीजीआई के दरोगा ने सूचना दी कि उन्हें घर में रहना है बाहर नहीं निकलना है। बरेली के डीएम का भी एक पत्र मिला है, जिसमें कहा है कि हमारे वहां आने से माहौल बिगड़ेगा।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बरेली के बवाल के बाद शनिवार को वहां नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल भेजने की घोषणा की थी। माता प्रसाद ने कहा कि प्रशासन ने जो बरेली के लोगों पर ज्यादती की है, जो अवैध गिरफ्तारियां की हैं, उसकी जानकारी हमें मिल जाएगी, इसलिए ये हमें जाने नहीं दे रहे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पुलिस ने खुद ही कानून-व्यवस्था बिगाड़ी है। अगर दो समुदायों में झड़प होती तो हम मान लेते कि कोई गंभीर घटना हुई है। वहां पुलिस ने माहौल खराब किया है।
माता प्रसाद ने कहा कि स्थानीय लोगों ने बताया है कि घटना के बाद वहां बड़े पैमाने पर अन्याय हो रहा है। मुकदमा एक व्यक्ति पर होता है और गिरफ्तारी 4 लोगों की होती है। किसी का घर गिराने की तैयारी है। वहां एक समुदाय बहुत डरा हुआ है। सपा विधायक अताउर्रहमान ने कहा कि हम बरेली जा रहे थे, लेकिन यहां कई थानों की पुलिस लगा दी गई।
