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सेंट्रल मार्केट पर बुलडोजर की आहट, सुप्रीम कोर्ट के आदेश से घबराए दुकानदार, आवास विकास के नोटिस तैयार

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मेरठ। मेरठ के शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश से व्यापारियों में मायूसी है। मंगलवार को सर्वोच्च अदालत ने अपने 17 दिसंबर 2024 के निर्णय को बरकरार रखते हुए अभी तक कार्रवाई न होने पर कड़ा एतराज जताया था।

अदालत ने छह सप्ताह में ध्वस्तीकरण कर रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए हैं। वहीं बुधवार शाम तक ऑर्डर अपलोड नहीं हुआ। व्यापारियों का कहना है कि आदेश पढ़ने के बाद रणनीति बनाकर व्यापार बचाने के लिए काम करेंगे। उधर, आवास एवं विकास परिषद की ओर से अवैध निर्माणों के नोटिस भी तैयार किए गए।

आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना की ओर से दाखिल की गई अवमानना याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई थी। लोकेश खुराना के अधिवक्ता तुषार जैन ने बताया कि अदालत ने निर्देश दिए कि छह सप्ताह के भीतर अन्य समस्त अवैध निर्माणों को ध्वस्त करके ध्वस्तीकरण की कंप्लायंस रिपोर्ट याचिकाकर्ता के वकील के माध्यम से कोर्ट को उपलब्ध कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनीत शारदा अग्रवाल ने कहा कि व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए पार्टी आलाकमान से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि 661/6 के ध्वस्तीकरण से प्रभावित व्यापारियों को पुनर्स्थापित करने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। कानून के दायरे में रहते हुए व्यापारी हितों के लिए काम किया जाएगा।

सेंट्रल मार्केट के व्यापारी नेता जितेंद्र अग्रवाल ने बताया कि बुधवार को देर शाम तक भी सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर अपलोड नहीं हो सके। अभी तक क्या आदेश अदालत ने जारी किए हैं, इसका पता तो आदेश पढ़कर ही चलेगा। उन्होंने कहा कि व्यापारी अपनी रणनीति बना रहे हैं।

जनप्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे। उधर, दूसरी ओर आवास एवं विकास परिषद के कार्यालय में नोटिस भी तैयार किए गए। हालांकि अधिकारी मामला सुप्रीम कोर्ट से जुड़ा होने के कारण किसी भी तरह का बयान देने से बच रहे हैं।

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