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उत्तर प्रदेश कैबिनेट का बड़ा फैसला, 11.92 लाख से अधिक शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों को मिलेगा कैशलेस इलाज

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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के लाखों शिक्षकों और शिक्षा से जुड़े कर्मियों के लिए ऐतिहासिक फैसला लिया गया। अब शिक्षकों को राज्य कर्मचारियों की तरह ही कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। यह योजना आयुष्मान भारत व्यवस्था के माध्यम से लागू की जाएगी, जिससे शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइया सभी लाभान्वित होंगे। बैठक में बेसिक शिक्षा विभाग के तहत 11.92 लाख से अधिक शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों को कैशलेस इलाज मंजूर किया गया। इस योजना पर 358.61 करोड़ रुपये का व्यय भार आएगा। वहीं, माध्यमिक शिक्षा विभाग के 2 लाख 97 हजार 579 कर्मचारियों (शिक्षक और अन्य स्टाफ) को भी यह सुविधा मिलेगी, जिस पर 89.25 करोड़ रुपये का खर्च होगा। ध्यान दें कि जो कर्मचारी पहले से ही किसी अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजना (जैसे आयुष्मान भारत) से आच्छादित हैं, उन्हें इस अतिरिक्त लाभ का दोहरा फायदा नहीं मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले साल 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) पर इस सुविधा की घोषणा की थी, जिसे अब औपचारिक मंजूरी मिल गई है। कैबिनेट ने कुल 32 प्रस्तावों में से 30 को पास किया, जबकि दो प्रस्ताव (14वां और 17वां) रोके गए। बैठक में लिए गए कुछ अन्य महत्वपूर्ण फैसलों में शामिल हैं: -शहरी पुनर्विकास नीति 2026 को मंजूरी, जिससे नक्शा पास करने की प्रक्रिया सरल होगी और विकास शुल्क के संशोधित दरें लागू होंगी। बरेली और मुरादाबाद में विज्ञान पार्क तथा नक्षत्रशाला की स्थापना को हरी झंडी। आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए मंजूरी, जिसमें सरकारी आवास, भूमि पट्टा और कृषि के लिए पट्टा प्रदान किया जाएगा। विशेष रूप से बहराइच के परतापुर सहित प्रभावित ग्रामों में 136 परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत सहायता मिलेगी। यह फैसला शिक्षक समुदाय के लिए बड़ी राहत लेकर आया है और योगी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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