एक चिकित्सक से भेंटवार्ता !
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डाक्टर राजेन्द्र कांकरवाल (डीएम गेस्ट्रो)
@ डा अरविन्द सिंह
यह शनिवार की एक शाम है। आजमगढ के पुराने समाजवादी मित्र संजय श्रीवास्तव भैय्या के आदेश पर उनके साथ हमारी मुलाकात एक चिकित्सक डा राजेन्द्र कांकरवाल से हो रही है। करतालपुर बाईपास पर ‘ओलंपस गेस्ट्रो लिवर सेन्टर’ है। यहीं पर मूलत: अलवर राजस्थान के रहने वे डाक्टर कांकरवाल की क्लिनिक है। डाक्टर कांकरवाल की पढाई बीएचयू से हुई है। ये एमडी मेडिसिन और डीएम गेस्ट्रो हैं। ये आजमगढ के दूसरे डीएम गेस्ट्रो हैं। पहले डा तौहिद हैं। मरीजों से घिरे डा० कांकरवाल ओपीडी से खाली होकर हमसे एक विशेष कमरे मे मिलते हैं। कोई पौन घंटे की भेंटवार्ता में लिवर, पैंक्रियाज, आंत और शरीर की अनेक बीमारियों, निदान और बचाव पर अनेक बातें हुईं। डाक्टर कांकरवाल एक कुशल चिकित्सक के रुप में हमारी समझ को बढाते चले जाते हैं।
शरीर के एक विशेष अंग पेट को लेकर सामान्य भाषा में उनका कहना है कि पेट एक विशेष प्रकार की फैक्ट्री है। जहां छोटे-छोटे अनेक कलपूर्जों और प्रक्रियाओं का नियमित संचालन होता है। इस फैक्ट्री में खराबी एक दिन में नहीं आती है बल्कि धीरे-धीरे एक एक मशीनरी के खराब होने पर एक दिन यह पूरी फैक्ट्री बंद हो जाती है। उसी तरह लिवर पहले हेल्दी से फैटी, फिर फैटी से फाइब्रोसिस, फाइब्रोसिस से सिरोसिस यानि
लिवर (यकृत) की खराबी धीरे-धीरे बढ़ती है और इसे आम तौर पर स्टेज या अवस्थाओं में समझा जाता है।
1-फैटी लिवर (Fatty Liver) क्या होता है:
लिवर में वसा (फैट) जमा होने लगती है।जिसका
लक्षण: अक्सर कोई लक्षण नहीं होता। हल्की थकान
पेट के दाईं ओर भारीपन।
👉 यह शुरुआती और रिवर्स होने वाली अवस्था है। जो डाइट व लाइफस्टाइल से ठीक हो सकती है।
2️⃣ हेपेटाइटिस (Liver Inflammation)क्या होता है:
लिवर में सूजन आ जाती है (वायरस, शराब, दवाइयाँ या फैट के कारण)।
लक्षण: भूख कम लगना,उल्टी या मितली
पीलिया (आँख/त्वचा पीली),कमजोरी
👉 इस स्टेज पर इलाज जरूरी होता है, वरना नुकसान बढ़ सकता है।
3️⃣ फाइब्रोसिस (Fibrosis)क्या होता है:
लिवर की कोशिकाओं के आसपास दाग (scar tissue) बनने लगते हैं।
लक्षण:लगातार थकान,पेट में हल्की सूजन
लिवर फंक्शन में गिरावट
👉 अभी भी नियंत्रण संभव है, लेकिन ध्यान न देने पर आगे बढ़ता है।
4️⃣ सिरोसिस (Cirrhosis)क्या होता है:
लिवर का बड़ा हिस्सा स्थायी रूप से खराब हो जाता है और काम करने की क्षमता घट जाती है।
लक्षण:पेट में पानी भरना (Ascites)
पैरों में सूजन,बार-बार पीलिया,खून जमने में समस्या,
कमजोरी
👉 यह गंभीर अवस्था है और स्थायी नुकसान हो चुका होता है।
5️⃣ लिवर फेल्योर (Liver Failure)क्या होता है:
लिवर लगभग काम करना बंद कर देता है।
लक्षण:अत्यधिक पीलिया,भ्रम या बेहोशी
खून बहना,गंभीर सूजन
👉 इस स्टेज पर अक्सर ICU देखभाल या लिवर ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ती है।
✅ संक्षेप में कहें तो इसका क्रम:
फैटी लिवर → हेपेटाइटिस → फाइब्रोसिसफाइब्रोसिस → सिरोसिस → लिवर फेल्योर। है
डाक्टर कांकरवाल केजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सक डा०सुमित रूंगटा और एसजी पीजीआई के गौरव पांडेय का नाम लेते हैं। सौभाग्य से दोनो से यह कलमकार परिचित है।
आगे लिवर के एक विशेष अंग जो शरीर में अग्नि का स्थल होता है, जिसे अग्नाशय कहते हैं, पर बाते हुईं। पैंक्रियाज की अवस्था और उसकी बीमारी पैंक्रिटाइटिस को लेकर विस्तार से वार्ता हुई।
आजमगढ में पेट की विभिन्न अवस्थाओं की जांच के लिए मशीने भी इस सेंटर में हैं, जो या तो बीएचयू में हैं या एसजीपीजीआई लखनऊ में उपलब्ध हैं। फाइब्रोसिस की जांच के लिए फाइब्रोस्कैन मशीन है। यहां कोलोनोस्कोपी, ईआरसीपी, इंडोस्कोपी सहित अनेक जांचे और ईलाज किया जाता है। डाक्टर कांकरवाल ईलाज से ज्यादा बचाव पर जोर देते हैं। बोलते हैं हमें हेल्दी भोजन और स्वस्थ्य जीवनशैली को अपनाकर जीवन को लंबे समय तक स्वस्थ्य रखना चाहिए।
