आजमगढ़ में 197.77 लाख की जीएसटी धोखाधड़ी मामले में फर्जी फर्म के खिलाफ मुकदमा दर्ज
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आजमगढ़। जनपद आजमगढ़ में राज्य कर विभाग की जांच में करोड़ों रुपये की जीएसटी अनियमितता का मामला सामने आया है। राज्य कर विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार के उपायुक्त (वि० अनु० शा०) कार्यालय, आजमगढ़ सम्भाग की ओर से थाना कोतवाली में तहरीर देकर फर्जी पंजीकृत फर्म M/S BALAJI ENTERPRISES के स्वामी आयुष कुमार राय के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। वरिष्ठ सहायक देश दीपक श्रीवास्तव द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार फर्म ने 04 नवंबर 2025 को GSTIN-09EZAPR4006Q1ZU के तहत पंजीकरण प्राप्त किया था। पंजीकरण में दर्शाया गया व्यापार स्थल—बिल्डिंग नंबर 286-ए, गोरखपुर-वाराणसी मार्ग, सिविल लाइन्स, आजमगढ़—की 13 फरवरी 2026 को स्थलीय जांच की गई। जांच में उक्त पते पर कोई फर्म संचालित नहीं पाई गई। स्थानीय लोगों ने भी फर्म अथवा उसके स्वामी के संबंध में अनभिज्ञता जताई। जांच के दौरान पाया गया कि पंजीकरण के लिए अपलोड किया गया बिजली बिल भी कूटरचित था। विद्युत विभाग से सत्यापन में स्पष्ट हुआ कि प्रस्तुत बिजली कनेक्शन किसी अन्य व्यक्ति के नाम व पते का है। घोषित मोबाइल नंबर भी बंद पाया गया। विभागीय जांच में सामने आया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में फर्म द्वारा 1098.75 लाख रुपये की आउटवर्ड सप्लाई घोषित की गई तथा 197.77 लाख रुपये की कर देयता दर्शाई गई। पूरी कर देयता का समायोजन कथित रूप से बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के माध्यम से किया गया। जांच के अनुसार फर्म ने M/S AMAN ENTERPRISE (GSTIN-09RIKPS0328Q1Z3) से 765.71 लाख रुपये की इनवर्ड सप्लाई दर्शाई, जिस पर 137.82 लाख रुपये की आईटीसी प्राप्त की गई। उल्लेखनीय है कि संबंधित सप्लायर फर्म का पंजीकरण जीएसटी नियमावली के तहत निलंबित/रद्द किया जा चुका है। आगे यह भी पाया गया कि फर्म ने 1098.75 लाख रुपये की सप्लाई M/S SUSHILA TRADING COMPANY (GSTIN-09RPKPS9593J1ZA) को दर्शाई और बोगस आईटीसी को आगे पास-ऑन किया। राज्य कर विभाग का आरोप है कि बिना वास्तविक वस्तु आपूर्ति के केवल कागजी लेनदेन के माध्यम से आईटीसी का दावा किया गया, जो जीएसटी अधिनियम की धारा 16 के प्रावधानों के विपरीत है। इस कथित कृत्य से सरकार को 197.77 लाख रुपये की राजस्व क्षति हुई है। मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। पुलिस ने बताया कि प्राप्त तहरीर के आधार पर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
