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दोहरा हत्याकांड…मुख्य आरोपी ने फिल्मी स्टाइल में किया सरेंडर, वीडियो बनाई; कहा- SP के कहने पर कर रहा हूं

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मऊ। मऊ के बेल्थरारोड के चर्चित दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी रोबिन सिंह ने शनिवार की मऊ कोतवाली में सरेंडर कर दिया। रोबिन और तीन आरोपियों को बलिया और मऊ जिले की पुलिस-एसओजी टीम ढूंढती रह गई। रोबिन बोला कि उसे इस मामले में फंसाया जा रहा है और पुलिस प्रशासन पर परेशान करने का आरोप लगाया।

शुक्रवार को ही दोहरीघाट, मधुबन, घोसी, रामपुर थाना की पुलिस और एसओजी टीम ने 10 जगहों पर दबिश दी थी। लापरवाही पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक ने थानाध्यक्ष कंचन मौर्या को लाइन हाजिर किया था। उनके खिलाफ जांच बैठाई गई है।

बीते 25 नवंबर की रात रामपुर थाना क्षेत्र के मयारी गांव में बलिया जिले के उभाव थाना क्षेत्र के बेल्थरारोड निवासी सुमीर कुमार को रामपुर थाना क्षेत्र के चंदापार गांव निवासी रोबिन सिंह, डुमरी निवासी अविनाश सिंह, ढिलई फिरोजपुर निवासी आफिक, बलिया जनपद के भीमपुरा थाना क्षेत्र के सिहुरी निवासी गौरव यादव और दो अज्ञात लोगों ने मारपीट कर लहुलुहान कर दिया था।

मृत समझकर नहर किनारे छोड़कर भाग गए थे। उनका लखनऊ स्थित प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा था। इसी बीच बीते 13 दिसंबर की शाम बेल्थरारोड निवासी आयुष यादव की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने पहले ही छह आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। बीते 18 दिसंबर की दोपहर लखनऊ स्थित प्राइवेट अस्पताल में सुमीर कुमार की भी मौत हो गई। शुक्रवार की सुबह बेल्थरारोड शव पहुंचने पर परिजन धरने पर बैठ गए थे। मऊ डीएम को बुलाने और रामपुर थानाध्यक्ष को निलंबित करने की मांग पर अड़े थे।

इसे देखते हुए मधुबन सीओ, मधुबन न्यायिक एसडीएम दीपक कुमार ने बेल्थरारोड पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और हर संभव कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए रामपुर थाना पर मधुबन थाना, दोहरीघाट और घोसी कोतवाली की पुलिस ने सुबह से डेरा जमाया था।

आयुष और सुमीर हत्याकांड के मुख्य आरोपी का ऐसे समय पर आत्मसमर्पण करना जब दो जिलों की पुलिस कई जगहों पर दबिश दे रही थी। आजमगढ़ के डीआईजी सुनील सिंह ने शुक्रवार की शाम पीड़ित परिवारों से मिलकर मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था। लेकिन दो जिलों की पुलिस को चकमा देकर रोबिन ने 24 घंटे से कम समय में नाटकीय ढंग से मऊ कोतवाली में आत्मसमर्पण में कर दिया।

सवाल ये खड़ा होता है कि वो कोर्ट में आत्मसमर्पण कर सकता था। दो जिलों की पुलिस को छकाते हुए आत्मसमर्पण पर सोशल मीडिया पर अलग अलग प्रतिक्रिया होती रही। कई ने तो इसके पीछे रसूखदारों का हाथ होना बताया। कुछ ने दोनों जिलों के लोगों के रसूखदारों की साठ गांठ बताई।

रोबिन फिल्मी स्टाइल में कार में बैठकर बहन के साथ मऊ कोतवाली पहुंचा। वो रास्ते भर मोबाइल से वीडियो बनाता रहा और सोशल मीडिया पर भेजता रहा। वायरल वीडियो में रोबिन ने बोला दुश्मनी के कारण उसे फंसाया जा रहा है, उसके पास इस संबंध में सबूत है। पुलिस परेशान कर रही थी। पुलिस अधीक्षक और बड़े अधिकारियों के कहने पर मैं मऊ कोतवाली में आत्मसमर्पण कर रहा हूं। पुलिस इस मामले में जांच करे, यदि मैं दोषी हूं तो मुझे सजा मिले और निर्दोष हूं तो मुझे परेशान न किया जाए।

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