आजमगढ़: पुश्तैनी जमीन पर जबरन कब्जे का आरोप, डीएम के आदेश के बाद भी नहीं रुका निर्माण
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पुलिस पर पीड़ित को धमकाने और मदद न करने का आरोप
52 साल पुराने विवादित भूखंड पर तेज़ी से चल रहा अवैध निर्माण
आजमगढ़। जनपद के मुबारकपुर थाना क्षेत्र के ओझौली गांव के मूल निवासी उपेंद्र सिंह ने अपनी पुश्तैनी जमीन पर जबरन कब्जे और अवैध निर्माण का गंभीर आरोप लगाया है। वर्तमान में दिल्ली में रह रहे उपेंद्र सिंह का कहना है कि गांव स्थित उनके घर पर ताला बंद रहता है और इसी का फायदा उठाकर पट्टीदार उनकी जमीन पर जबरन निर्माण कर रहे हैं।पीड़ित के अनुसार जिस जमीन पर निर्माण किया जा रहा है, उसे लेकर पिछले 52 वर्षों से मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है और अब तक अंश निर्धारण भी नहीं हुआ है। इसके बावजूद कथित रूप से उसी विवादित भूखंड पर निर्माण कार्य तेज़ी से कराया जा रहा है।उपेंद्र सिंह का आरोप है कि जब उन्होंने इस संबंध में स्थानीय पुलिस से शिकायत की तो कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा पुलिस द्वारा उन्हें ही जेल भेजने की धमकी दी गई। पुलिस की उदासीनता से परेशान होकर पीड़ित ने जिलाधिकारी रविंद्र कुमार (IAS) से मुलाकात कर लिखित शिकायत दी। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीओ सदर को कार्रवाई के निर्देश दिए। हालांकि पीड़ित का कहना है कि जिलाधिकारी का आदेश थाने तक पहुंचने के बावजूद अवैध निर्माण न तो रुका और न ही धीमा पड़ा, बल्कि निर्माण कार्य और तेज़ कर दिया गया। पीड़ित इंसाफ के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। यह मामला राजस्व विभाग, पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। एक ओर सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर ज़मीनी स्तर पर पीड़ित को न्याय मिलता नहीं दिख रहा। पीड़ित उपेंद्र सिंह का कहना है कि अगर जल्द ही अवैध निर्माण नहीं रोका गया और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्हें बड़े आंदोलन या न्यायालय की शरण लेनी पड़ेगी।
