छह दिन बाद एफआईआर, कोतवाल लाइन हाजिर; एक इंस्पेक्टर और दो एसआई निलंबित
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गाजीपुर। गाजीपुर जिले के गहमर गांव के खेलूराय पट्टी में विक्की सिंह व सौरभ सिंह की धारदार हथियार से हत्या और अंकित सिंह के लापता होने के मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। डीआईजी वैभव कृष्ण के निर्देश पर एसपी डॉ. ईरज राजा ने बृहस्पतिवार की रात गहमर कोतवाल दीनदयाल पांडेय को लाइन हाजिर कर दिया। उपनिरीक्षक राजीव पांडेय और पन्नालाल यादव को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा, तत्कालीन कोतवाल और वर्तमान में सैदपुर के थाना प्रभारी शैलेश मिश्रा को निलंबित किया गया है। मोहम्मदाबाद के कोतवाल प्रमोद कुमार को गहमर कोतवाली का प्रभार सौंपा गया है। 26 सितंबर को गहमर के बुढ़वा महादेव मंदिर के पास दो गुटों के बीच झगड़ा, पथराव और कई राउंड हवाई फायरिंग की घटना हुई थी। इस मामले में 27 सितंबर को उपनिरीक्षक राजीव पांडेय ने दोनों गुटों के 11 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें एक पक्ष के भैरवराय पट्टी के बब्बन सिंह उर्फ सौरभ, अभिनंदन सिंह, खेमनराय पट्टी के विक्की सिंह, विकास सिंह, चंदन सिंह, अभिषेक सिंह और दूसरे पक्ष के खेलूराय पट्टी निवासी अमित सिंह, अमन सिंह, शैलेश सिंह, अरविंद सिंह और विनय यादव थे। इससे पहले तीन सितंबर को भी दोनों गुटों में मारपीट और फायरिंग हुई थी। इस मामले में छह दिन बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। आरोप है कि तत्कालीन थाना प्रभारी ने दबाव डालकर पीड़ित चंदन सिंह से तहरीर में बदलाव करा दिया था। एसपी डॉ. ईरज राजा ने बताया कि सितंबर में हुई घटनाओं के समय शैलेश कुमार मिश्रा कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक थे। इस मामले सख्त कार्रवाई नहीं हुई थी। लापरवाही पर तत्कालीन कोतवाल व वर्तमान में सैदपुर थाना के प्रभारी शैलेश कुमार मिश्रा, गहमर कोतवाली के उपनिरीक्षक राजीव पांडेय और उपनिरीक्षक पन्नालाल यादव को निलंबित कर दिया गया है। गहमर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक दीनदयाल पांडेय को लाइन हाजिर कर दिया गया है।गाजीपुर जिले के गहमर गांव के खेलूराय पट्टी मोहल्ले में तीन महीने पुरानी वर्चस्व की रंजिश में खेमनराय पट्टी के विक्की सिंह (23) व बाबूराय पट्टी के सौरभ सिंह (24) को लाठी व रॉड से पीटने के बाद गोली मारकर हत्या कर दी गई। शव पोखरे में फेंक दिए गए। घटना बुधवार की रात लगभग 12 बजे की है। तीसरा साथी गोपाल राय पट्टी का अंकित सिंह (25) लापता है। पोखरे में उसकी तलाश के लिए पुलिस व एसडीआरएफ की टीम लगी है।
शवों को देखकर उड़ गए लोगों के होश
घटनास्थल खेलूराय पट्टी की सड़क, दीवारों और लोहे के गेट पर खून पसरा मिला, जबकि पोखरे के किनारे शवों के लोथड़े पड़े थे। शवों को देखकर हर किसी के रोंगटे खड़े हो गए। परिजनों व ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार की सुबह 10 बजे कोतवाली गेट के सामने शव रखकर एनएच-124 सी जाम कर दिया। परिजन हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। डीआईजी वाराणसी वैभव कृष्ण और एसपी डॉ. ईरज राजा के समझाने पर शाम करीब 5:40 बजे जाम समाप्त हुआ।
