प्रदेश में शुरू होंगी 40 नई आईटीआई, अलग-अलग पाठ्यक्रम में बढ़ने जा रही हैं 16 हजार सीटें; ये जिले शामिल
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लखनऊ। प्रदेश में युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण देकर रोजगार के लिए तैयार करने की कवायद को गति दी जा रही है। इस क्रम में 28 से अधिक नई आईटीआई बनकर तैयार हैं। जबकि 15 से ज्यादा अधूरी आईटीआई का भी निर्माण कार्य पूरा कराया गया है। इस तरह नए सत्र में 40 से अधिक नई आईटीआई में नए सत्र 2026-27 में प्रवेश शुरू किया जाएगा। प्रदेश के युवाओं को आईटीआई के माध्यम से बेहतर कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के लिए तैयार करने का काम चल रहा है। इसके तहत दो चरणों में दो सौ से ज्यादा आईटीआई को टाटा के सहयोग से अपग्रेड किया गया है। यहां पर अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी क्रम में अप्रैल-मई में नए सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू हो रही है। इसे देखते हुए व्यावसायिक शिक्षा विभाग की ओर से 28 नई बनकर तैयार आईटीआई में भी प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। वहीं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सहयोग से 15 अधूरी आईटीआई का भी निर्माण पूरा कराकर यहां पढ़ाई शुरू कराने का निर्णय लिया गया है। व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने बताया कि प्रति आईटीआई में लगभग 400 कुल 16 हजार सीटें युवाओं के लिए बढ़ जाएंगी। ऐसे में नए सत्र में युवाओं को कम शुल्क में बेहतर प्रशिक्षण के लिए और अवसर बढ़ जाएंगे।
इन जिलों में शुरू होंगी आईटीआई
देवरिया में दो, अयोध्या, अमरोहा, कानपुर देहात, आगरा में एक-एक, संतकबीरनगर में दो, प्रतापगढ़, गोरखपुर, कासगंज में एक-एक, मुजफ्फरनगर व अमेठी में दो-दो, बिजनौर, हाथरस, बस्ती, एटा में एक-एक, सिद्धार्थनगर में चार, श्रावस्ती, इटावा, प्रतापगढ़, चंदौली, औरैया में एक-एक नई आईटीआई में प्रवेश शुरू होंगे।
प्रधानाध्यापक व अनुदेशक भी रखेंगे
नई आईटीआई में प्रधानाध्यापक व अनुदेशक आदि पदों पर भर्ती के लिए प्रक्रिया भी विभाग ने शुरू कर दी है। विभाग के अनुसार 28 प्रधानाध्यापक, 28 कार्यदेशक, 720 से ज्यादा अनुदेशक, वरिष्ठ सहायक, कनिष्ठ सहायक, भंडारी, चपरासी, परिचर, माली आदि के पदों को स्वीकृत कराने के साथ ही नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।
