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गैस बुकिंग सिस्टम हुआ क्रैश, 1700 रुपये में बिका 923 रुपये का सिलिंडर; अब आई ये नई मुसीबत

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आगरा। ताजनगरी में रसोई गैस की किल्लत गहरा गई है। व्यावसायिक (कमर्शियल) सिलिंडरों की आपूर्ति ठप होने का सीधा फायदा मुनाफाखोरों और कालाबाजारी करने वालों को मिल रहा है। बाजार में 923 रुपये की कीमत वाला घरेलू सिलिंडर ब्लैक में 1700 से 1900 रुपये तक में बिक रहा है। सबसे ज्यादा मार पेठा उद्योग, हलवाई, डेयरी संचालकों और कैटरर्स पर पड़ रही है, जो मजबूरी में दो से तीन गुनी कीमत चुका रहे हैं। एक हलवाई ने बताया घरेलू सिलिंडर के लिए 1700 से 1900 रुपये मांग रहे हैं। सप्ताह में 5 से 7 सिलिंडर भट्ठियों के लिए चाहिए। काम बंद पड़ा है। रोजी-रोटी के लिए ब्लैक में भी लोगों को सिलिंडर खरीदना पड़ रहा है। उधर, एलपीजी ऑनलाइन बुकिंग के लिए आईवीआरएस और मोबाइल एप पूरी तरह चरमरा गए हैं। सर्वर डाउन होने का फायदा उठाकर हॉकर और बिचौलिए सक्रिय हो गए हैं। केवाईसी के अभाव में ओटीपी न आने के कारण आम उपभोक्ताओं को गैस नहीं मिल रही, जबकि ब्लैक में बुकिंग का खेल धड़ल्ले से जारी है। कई लोग अपनों के शादी समारोह में 3400 रुपये में दो सिलिंडर खरीदने को मजबूर दिखे। बिचपुरी सड़क स्थित ओम फैक्टरी के सामने तीन एजेंसियों के गोदाम हैं। मंगलवार को यहां सुबह 6 बजे से ही लोग बाइक पर खाली सिलिंडर लेकर डटे हुए थे। दोपहर 12 बजे तक इंतजार के बाद भी जब गैस नहीं मिली, तो लोग मायूस होकर लौट आए। बरौली अहीर और धांधूपुरा में भी यही हाल रहा। गैस गोदाम पर मिले बोदला निवासी पूरन सिंह ने कहा कि पांच दिन से चक्कर काट रहा हूं। घर में दो दिन से चूल्हा नहीं जला है। तेल कंपनियों ने सुरक्षा के लिए ओटीपी अनिवार्य किया है, लेकिन खराब सर्वर के कारण मोबाइल पर मैसेज ही नहीं आ रहे। ओटीपी के बिना सिलिंडर डिलीवरी नहीं की जा रही। इंडेन गैस एजेंसी प्रबंधकों का दावा है कि स्टॉक पर्याप्त है, लेकिन सर्वर लोड बढ़ने से वितरण प्रभावित हुआ है। जिला पूर्ति अधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि गैस सिलिंडर की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और गड़बड़ियां करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। छापेमारी जारी है। हम हॉकर्स की गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रख रहे हैं।

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