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बीएचयू में 49 महीने बाद मिली ईसी, हेड पर जानलेवा हमले ने कैंपस के 30 हजार लोगों को डराया

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वाराणसी। साल 2025 एकेडमिक और तकनीक मायनों में बीएचयू के लिए तो बहुत अच्छा रहा, लेकिन प्रशासनिक व्यवस्थाएं और सुरक्षा को लेकर कई अव्यवस्थाएं देखने को मिलीं। आए दिन सवाल उठते रहे। 49 महीने बाद कार्यकारिणी का गठन होना तो राहत देने वाला रहा, मगर तेलुगु विभागाध्यक्ष पर दिनदहाड़े हुए जानलेवा हमले ने पूरे विश्वविद्यालय के 30 हजार प्रोफेसरों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को डराकर रख दिया।

इस घटना ने देश भर में बीएचयू की छवि को प्रभावित किया और बीएचयू कैंपस पुलिस की हिटलिस्ट में शामिल हो गया। इधर बीएचयू के दीक्षांत समारोह में पहली बार 29 टॉपर में 20 लड़कियां शामिल रहीं। इन 20 को मुख्य मंच से गोल्ड मेडल दिए गए। वहीं दूसरी ओर से छात्राओं से छेड़खानी की घटनाएं आए दिन और रात होती रहीं।

बीएचयू नमस्ते एप के इमरजेंसी बटन पर क्लिक कर मिनटों में राहत और मदद पहुंचाने की बात कही लेकिन एमएमवी में एक छात्रा बेहोश होकर गिर पड़ी और 20 मिनट तक एंबुलेंस भी नहीं पहुंची। दूसरी ओर बीएचयू में काशी तमिल संगमम के चौथे संस्करण की शुरुआत हुई लेकिन इससे पहले ही 500 छात्राें और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुए मारपीट और पत्थरबाजी में 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए।

ईसी में पहली बार भाजपा के तीन नेता

24 जुलाई को बीएचयू में 49 महीने के बाद ईसी गठित की गई। जिसके बाद अब तक कुल दो बैठकें हो चुकी हैं। पहली बार इसमें भाजपा के तीन नेताओं को सदस्य बनाने पर कांग्रेस और अन्य विपक्षियों ने जोरदार विरोध किया था। इसके बाद बीएचयू में सात महीने के बाद नए कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी को नियुक्त किया गया। कार्यभार संभालने के बाद प्रो. चतुर्वेदी ने बीएचयू में अधिकारियों के मूल्यांकन और फीडबैक के लिए कई तरह की प्रणाली लागू की गई है।

कुलपति ने शुरू कराईं कई नई व्यवस्थाएं

30 हजार छात्र अपने दो हजार प्रोफेसरों को मार्क्स देंगे। वहीं प्रोफेसरों को भी मौका दिया गया कि फीडबैक फॉर्म भरकर चीफ प्रॉक्टर, छात्र अधिष्ठाता जैसे नए अधिकारियों को चुनें। इसके आधार पर बीएचयू में पिछले सप्ताह ही 14 नए अधिकारियों को बदल दिया गया। काशी शब्दोत्सव कार्यक्रम में 3000 से ज्यादा विद्वानों की जुटान हुई। दो नवंबर को बीएचयू के कृषि विज्ञान संस्थान में कैंपस के पांचवें गेस्ट हाउस का उद्घाटन किया गया।

आईआईटी बना हाइड्रोजन एक्सीलेंस सेंटर

आईआईटी बीएचयू और मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन और शोध को नई दिशा देने के लिए यूपीनेडा ने 50 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत किया। आईआईटी में हाइड्रोजन ऊर्जा का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी बनाया जाएगा। इसके तहत वाराणसी से गोरखपुर के बीच हाइड्रोजन ट्रेन चलाने के लिए तकनीक पर काम होगा।

टाइम्स रैंकिंग बढ़ी, 2.73 लाख सर्टिफिकेट अपलोड

टाइम्स हायर रैंकिंग में बीएचयू को विश्व में 501-600 रैंक के बीच स्थान बनाकर देश में पांचवां सर्वश्रेष्ठ बनने में कामयाब हुआ है। बीएचयू के कुलपति ने प्रोफेसरों से 25 लाख से ज्यादा का रिसर्च प्रपोजल मांगे। डिजीलॉकर पर बीएचयू के 2.73 लाख सर्टिफिकेट अपलोड किए गए। ऐसा करने वाला यूपी का पहला और देश का चौथा शीर्ष केंद्रीय विवि बना। संपूर्णानंद संस्कृत विवि का ग्रेड बढ़ा तो विद्यापीठ की नैक ग्रेडिंग घटी। राज्यपाल ने आनंदी बेन पटेल ने मंच से कह दिया कि ऐसे लचर प्रदर्शन पर शर्म आती है।

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