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बुलडोजर एक्शन से पहले खुद ही हथौड़े से तोड़ डाली मस्जिद… प्रशासन ने जेसीबी से की मदरसा तोड़ने की कार्रवाई

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संभल। उत्तर प्रदेश के संभल जिले के असमोली थाना क्षेत्र के गांव सलेमपुर सलारपुर उर्फ हाजीपुर में प्रशासन की कार्रवाई से पहले ही बड़ा घटनाक्रम सामने आया। नोटिस मिलने के बाद ग्रामीणों ने मस्जिद को खुद ही ध्वस्त कर दिया। रविवार सुबह प्रशासनिक टीम जेसीबी लेकर मौके पर पहुंची। करीब 12:30 बजे मस्जिद से कुछ दूरी पर स्थित मदरसे को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की गई। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे। पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात रहा।

पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि प्रशासन के नोटिस के बाद ग्रामीणों ने स्वयं मस्जिद को गिरा दिया था। मस्जिद की खाली हुई जमीन पर 20 गरीब लोगों को पट्टे दिए गए हैं। वहीं, मदरसे को लेकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी है। प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। इलाके में फिलहाल स्थिति सामान्य बनी हुई है।

गांव सलेमपुर सलार उर्फ हाजीपुर निवासी मस्जिद के मुतवल्ली हाजी शमीम पर आरोप है कि उन्होंने करीब पौने चार बीघा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर मस्जिद और मदरसे का निर्माण किया था। पहले मदरसे का निर्माण किया और बाद में करीब 10 वर्ष पहले मस्जिद का निर्माण कर लिया गया। शिकायत के बाद 14 जून 2018 को सरकारी जमीन पर मस्जिद व मदरसा निर्माण किए जाने की आख्या दी गई थी। जिसके आधार पर मामला तहसीलदार न्यायालय में चला। साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर सरकारी जमीन पर निर्माण की पुष्टि दो सितंबर 2025 को हुई थी।

इसके चलते ही न्यायालय की ओर से मुतवल्ली पर 7.78 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया और मस्जिद और मदरसे का निर्माण कर जो सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया गया है उसको हटाने के निर्देश दिए।

इसके बाद भी यह निर्माण नहीं हटाए गए तो प्रशासन की टीम ने तीन जनवरी यानि शनिवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के निर्देश दिए थे। हालांकि अवकाश के चलते तय समय को बढ़ा दिया गया है लेकिन अब मुस्लिम समाज के लोगों ने खुद ही मस्जिद तो तोड़ दिया।

शिकायत के बाद 14 जून 2018 को सरकारी जमीन पर मस्जिद व मदरसा निर्माण किए जाने की आख्या दी गई थी। जिसके आधार पर मामला तहसीलदार न्यायालय में चला। साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर सरकारी जमीन पर निर्माण की पुष्टि दो सितंबर 2025 को हुई थी।

इसके चलते ही न्यायालय की ओर से मुतवल्ली पर 7.78 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया और मस्जिद और मदरसे का निर्माण कर जो सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया गया है उसको हटाने के निर्देश दिए।

इसके बाद भी यह निर्माण नहीं हटाए गए तो प्रशासन की टीम ने तीन जनवरी यानि शनिवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के निर्देश दिए थे। हालांकि अवकाश के चलते तय समय को बढ़ा दिया गया है लेकिन अब मुस्लिम समाज के लोगों ने खुद ही मस्जिद तो तोड़ दिया।

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