अखिलेश बोले: जनगणना अधिसूचना में जाति का कॉलम नहीं, मतदाता सूची में घपले करा रही है भाजपा सरकार
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लखनऊ। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि जातीय जनगणना भाजपा का महज एक जुमला है। जनगणना की अधिसूचना में जाति का कॉलम तक नहीं है। भाजपा का सीधा फार्मूला है, न गिनती होगी, न आनुपातिक आरक्षण-अधिकार देने का जनसांख्यिकीय आधार बनेगा। जातिगत जनगणना न करना पीडीए समाज के खिलाफ भाजपा की साजिश है। अब जब विरोध होगा तो भाजपा फिर कहेगी कि यह टाइपिंग मिस्टेक हो गई।
सपा ने कर्पूरी ठाकुर की मनाई जयंती
प्रदेश सपा मुख्यालय समेत विभिन्न जिलों में भारतरत्न कर्पूरी ठाकुर की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर अखिलेश यादव ने कहा कि पीडीए की लड़ाई को मजबूत करने के लिए हम सबने यह संकल्प लिया है कि कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर उत्तर प्रदेश में पीडीए सरकार बनाकर सामाजिक न्याय के राज की स्थापना करेंगे। उन्होंने सतीश समर सविता की पुस्तक ‘भारतरत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर-एक लोकतांत्रिक मूल्यों की विचार माला” पुस्तक का विमोचन किया। पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी, पूर्व नेता विरोधी दल रामगोविंद चौधरी विधायक राम अचल राजभर भी मौजूद रहे।
सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार अधिकारियों से मिलकर मतदाता सूची में घपले कर रही है। फर्जी वोट जुड़वा रही है। पीडीए का वोट कटवा रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग भी निष्पक्ष नहीं है। अगर संवैधानिक संस्था ही निष्पक्ष काम नहीं करेगी तो कौन उन पर भरोसा करेगा।
अखिलेश यादव ने प्रदेश सपा मुख्यालय पर शनिवार को एसआईआर के बाद भी मतदाता सूची में आ रही खामियों को लेकर संवाददाताओं से बात की। उन्होंने कहा कि सभी संवैधानिक संस्थाओं की जिम्मेदारी है कि कोई भेदभाव न होने दे। आधार कार्ड को मेटल का बनाकर उसे मतदाता सूची से जोड़ दिया जाए। इससे मतदाता सूची की गड़बड़ी और फर्जीवाड़ा बंद हो जाएगा।
उन्होंने कन्नौज विधानसभा में 200 से अधिक फर्जी और डबल वोटरों की सूची दिखाते हुए कहा कि भाजपा कुछ अधिकारियों से मिलकर फर्जी वोट बनवा रही है। कहा गया था कि एसआईआर के बाद मतदाता सूची शुद्ध और समावेशी होगी, किसी पात्र मतदाता का नाम नहीं कटेगा। एसआईआर के माध्यम से भाजपा सरकार साजिश, षड्यंत्र और विपक्ष को कमजोर करने की साजिश कर रही है।
चुनाव आयोग से मांगा तकनीकी सहयोग
हमारी मांग है कि चुनाव आयोग समाजवादी पार्टी की टेक्निकल टीम को भी समझाए कि एसआईआर और मतदाता सूची में क्या हो रहा है। मतदाता सूचियों में एक ही नाम के दो-दो वोट है। चुनाव आयोग से सपा को कोई तकनीकी सपोर्ट नहीं मिल रहा है। मैनुअल तरीके से हम कितना फर्जी वोट ढूढेंगे। चुनाव आयोग हमारी मदद करें। अपने तकनीकी एक्स्पर्ट को समाजवादी पार्टी कार्यालय भेजे या कोई लैब और ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट बताए, जहां हम अपने कार्यकर्ताओं को भेजकर ट्रेनिंग दिला सकें।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत नोटिस सुनवाई की जानकारी राजनीतिक दलों और बूथ लेवल एजेंटों (बीएलओ) को नहीं दी जा रही है। सुनवाई कब होगी, इसकी भी जानकारी बीएलए को नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि बीएलओ सरकारी कर्मचारी है। सरकार उन पर दबाव बनाती है। जाति के आधार पर तैनात करती है। नोटिस सुनवाई के समय वे मौजूद रहेंगे, लेकिन पाटियों के बीएलए नहीं मौजूद रहेंगे। सुनवाई में भाजपा के मानसिकता वाले अधिकारी लगाए गए हैं, जो वोटो में हेराफेरी करते हैं। एसआईआर में चुनाव आयोग जो तकनीकी सपोर्ट ले रहा है, उसकी जानकारी राजनीतिक दलों और बीएलए को दे।
एक सवाल के जवाब में अखिलेश यादव ने कहा कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने नकली सनातनियों की पोल खोल दी है। शंकराचार्य सच्चाई पर डटे हैं। देश का हर एक सनातनी शंकराचार्य जी के साथ खड़ा है। उनकी इस लड़ाई में हम साथ है। अखिलेश यादव ने कहा कि कालनेमी को खोजने वाले बताएं कि कलयुग का कालनेमी कौन है। कौन कालनेमि बनकर जनता को धोखा दे रहा है। साथ ही कहा कि हमारे पास 30 से ज्यादा गायें है। उन्होंने कहा कि कई हजार करोड़ के सरकारी ठेके कुछ लोगों में बांटे जा रहे है। लखनऊ में कई हजार करोड़ के लागत से बन रहे ग्रीन कारीडोर की डिजायन ही गलत है।
