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आजमगढ़: मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर गो-तस्कर को पुलिस की गोली का शिकार, एक फरार, 8 संगीन मुकदमे दर्ज

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आजमगढ़। जनपद के थाना अहरौला क्षेत्र में शुक्रवार तड़के पुलिस और गो-तस्करों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस दौरान एक हिस्ट्रीशीटर गो-तस्कर पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन एवं क्षेत्राधिकारी बूढ़नपुर अजय प्रताप सिंह के पर्यवेक्षण में थाना अहरौला पुलिस शुक्रवार सुबह करीब 2:40 बजे रात्रि गश्त, अपराध नियंत्रण एवं संदिग्ध वाहन चेकिंग में जुटी थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि सहराजा मोड़ से निजामपुर की ओर दो गो-तस्कर गोवध की नीयत से जा रहे हैं। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने ग्राम तरकूलहा के पास घेराबंदी कर मोटरसाइकिल सवार दो संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस द्वारा बार-बार आत्मसमर्पण की चेतावनी दी गई, लेकिन बदमाशों की ओर से फायरिंग जारी रही। आत्मरक्षा में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के दाहिने पैर में गोली लग गई, जिससे वह घायल हो गया, जबकि दूसरा बदमाश मौके से फरार हो गया। घायल अभियुक्त की पहचान जाकिर उर्फ शैफ (38 वर्ष) पुत्र स्व. रफीक कुरैशी निवासी कुरैशी टोला माहुल, थाना अहरौला के रूप में हुई है। वह थाना अहरौला का घोषित हिस्ट्रीशीटर (HS-30A) है। पूछताछ में घायल अभियुक्त ने फरार साथी का नाम दिलशाद उर्फ लालू पुत्र मुस्ताक निवासी कस्बा माहुल बताया है। घायल अभियुक्त को प्राथमिक उपचार के बाद सीएचसी फूलपुर से सदर अस्पताल आजमगढ़ रेफर किया गया है। वहीं फरार अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें गठित कर लगातार दबिश दी जा रही है। घटनास्थल को सुरक्षित कर फील्ड यूनिट द्वारा साक्ष्य संकलन की कार्रवाई भी की गई है। मौके से पुलिस ने एक अवैध तमंचा .315 बोर, दो खोखा कारतूस, दो जिंदा कारतूस तथा बिना नंबर प्लेट की सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की है। पूछताछ में घायल अभियुक्त ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ सुनियोजित ढंग से गोवध व गौ-तस्करी करता था। वे देर रात सुनसान इलाकों में घूम रहे गोवंश को पकड़कर निर्जन स्थानों पर अवैध रूप से वध करते थे तथा मांस को ऊंचे दामों पर बेचते थे। साक्ष्य मिटाने के लिए अवशेष नदी-नालों में फेंक दिए जाते थे या जमीन में गाड़ दिए जाते थे। कुछ गोवंशों को बिहार सहित अन्य प्रांतों में अवैध रूप से बेचने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने अभियुक्तों के खिलाफ थाना अहरौला पर मु0अ0सं0 029/2026 धारा 109(1) बीएनएस एवं 3/25/27 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। घायल अभियुक्त जाकिर उर्फ शैफ के खिलाफ हत्या, गैंगस्टर एक्ट, गोवध निवारण अधिनियम समेत कुल आठ गंभीर मुकदमे पूर्व से दर्ज हैं। मुठभेड़ में थानाध्यक्ष अमित कुमार मिश्र, चौकी प्रभारी माहुल यश सिंह पटेल सहित थाना अहरौला की पुलिस टीम शामिल रही।

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