Latest News

The News Complete in Website

अखिलेश बोले: शंकराचार्य के बारे में अपमानजनक बोलना है पाप, उन पर दिया गया अभद्र बयान इतिहास में दर्ज

1 min read

लखनऊ। सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि शंकराचार्य के बारे में घोर अपमानजनक अपशब्द बोलना पाप है। ऐसा कहने वाले के साथ-साथ उनको भी पाप पड़ेगा जिन्होंने चापलूसी में मेजें थपथपाई हैं। जब भाजपा के विधायक सदन के बाहर जाएंगे और जनता का सामना करेंगे तो जनता सड़क पर उनका सदन लगा देगी।

अखिलेश यादव ने जारी बयान में कहा कि जो महाकुंभ की मौतों पर सच्चे आंकड़े नहीं बताते हैं। कैश में मुआवजा देकर उसमें भी भ्रष्टाचार का रास्ता निकाल लेते हैं। वे किसी और के धर्म पद पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं रखते हैं। जब इंसान नहीं, अहंकार बोलता है तो यही होता है। उन्होंने कहा कि हाता नहीं भाता का ये विस्तारित रूप है।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि शंकराचार्य जी पर दिया गया अभद्र बयान सदन में हमेशा के लिए दर्ज़ हो गया है। उनके इस बयान को हम निंदनीय कहें तो निंदनीय शब्द को भी निंदनीय महसूस होगा। इनका बस चले तो जो विवादित फिल्म आई है, उसका नाम बदले बिना ही रिलीज भी कर दें और टैक्स फ्री भी कर दें। अगले चुनाव में वो समाज एक-एक वोट उनके खिलाफ डालकर अपने अपमान और उनके प्रदेश अध्यक्ष के नोटिस का सही जवाब देगा।

अखिलेश ने शिवरात्रि की दी बधाई

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने भगवान शिव से सभी के आरोग्यमय, सुखमय और समृद्ध जीवन की प्रार्थना की है।

नोटिस के बहाने परेशान करने को मुद्दा बनाएगी सपा

सपा ने एसआईआर में नोटिस के बहाने अपने समर्थक मतदाताओं को परेशान करने का आरोप लगाया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस मुद्दे पर गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। उन्हें संघर्ष के लिए तैयार किया जाएगा।

प्रदेश में 1.04 करोड़ मतदाताओं को वर्ष 2003 की सूची से मैपिंग न होने के कारण, जबकि तार्किक विसंगतियों के कारण 2.22 करोड़ मतदाताओं को नोटिस दिया गया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) में लगे अपने सभी पदाधिकारियों से कहा है कि सपा समर्थक मतदाताओं और खासकर अल्पसंख्यकों को नोटिस के जरिये परेशान किया जा रहा है।

इसलिए ऐसे अधिकारियों को जो दस्तावेज देने पर भी नोटिस खत्म नहीं कर रहे हैं, उनकी शिकायत चुनाव आयोग से करने का फैसला किया गया है। कहा गया है कि आवश्यकता पड़ने पर इस मामले में अदालत का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा। सपा ने अपने सभी पदाधिकारियों को सजग रहने के लिए कहा है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *