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निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज का स्लैब गिरा, गुणवत्ता पर उठे सवाल, सपा सांसद का धरना; डीएम ने कही ये बात

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चंदौली। जिला मुख्यालय के समीप बनौली खुर्द गांव के पास बुधवार की देर रात हावड़ा–गया रेल मार्ग पर बन रहे रेल उपरिगामी पुल (आरओबी) का एक स्लैब अचानक गिरने से इलाके में अफरातफरी मच गई। गनीमत रही कि घटना के समय निर्माण कार्य बंद था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। हादसे में दो मजदूरों को हल्की चोटें आई हैं, जिनका उपचार कराया जा रहा है। देर रात अचानक तेज आवाज के साथ निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया। धमाके जैसी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में भीड़ जमा हो गई। घटना के बाद लोगों में भय और आक्रोश दोनों दिखाई दिया। चंदौली थाना क्षेत्र के बनौली इलाके में पिछले लगभग एक वर्ष से रेलवे लाइन के ऊपर उपरिगामी पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। बुधवार की रात अचानक एक स्लैब का संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे आ गिरा। हादसे में बिहार के रोहतास निवासी मजदूर धनंजय के पंजे में हल्की चोट आई, जबकि पीलीभीत निवासी मजदूर अनिल भी मामूली रूप से घायल हो गए।

दोनों का स्थानीय स्तर पर इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया। उपजिलाधिकारी दिव्या ओझा, क्षेत्राधिकारी देवेंद्र कुमार और निरीक्षक विजय बहादुर सिंह मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। जेसीबी की मदद से मलबा हटवाकर रास्ता साफ कराया गया।

मौके पर पहुंचे समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू और पार्टी प्रवक्ता मनोज काका ने घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की जा रही है और घटिया सामग्री के प्रयोग के कारण ही यह हादसा हुआ है। वहीं बनौली खुर्द के पूर्व प्रधान नागेंद्र सिंह और वर्तमान प्रधान आशुतोष यादव ने निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया।

उनका कहना था कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा था और कार्य पूरी तरह मानकों के विपरीत हो रहा था। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई बार शिकायत भी की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना अभियंता की मौजूदगी के ढांचा खड़ा करने और ढलाई का कार्य कराया जा रहा था, जिससे निर्माण की गुणवत्ता प्रभावित हुई। उनका कहना है कि यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।

कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि प्रदीप ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पूरा निर्माण कार्य सहारे के ढांचे (सटरिंग) पर हो रहा था। उन्होंने बताया कि अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण स्लैब नीचे आ गया। सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाने को उन्होंने गलत बताया और कहा कि मौके पर मौजूद सीमेंट और सरिया की जांच कराई जा सकती है, सभी सामग्री मानक के अनुरूप है।

मजदूरों व जनता के साथ खिलवाड़ कर रही सरकार: बाबूलाल

भ्रष्टाचार का उदाहरण है धराशाही हुआ पुल। मजदूरों व आम जनता के साथ खिलवाड़ कर रही है सरकार। उक्त बातें सपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व प्रमुख बाबूलाल यादव ने बृहस्पतिवार को बर्थरा खुर्द में निर्माणाधीन पुल के धराशाही होने पर कहीं। आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के उपयोग और बीम की कमजोर गुणवत्ता के कारण यह हादसा हुआ है।

घटना के समय मौके पर सेतु निगम का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिससे कार्य की निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मजदूरों से पता चला कि ठेकेदार सत्ता पक्ष से जुड़ा प्रभावशाही व्यक्ति है। जिसके चलते काम में अनियमितताएं बरती जा रही हैं। वहीं, रेलवे द्वारा कराए गए कार्य की गुणवत्ता की तुलना में सेतु निगम के काम को लेकर भी लोगों में असंतोष देखा गया। जिला प्रशासन से घटना की निष्पक्ष जांच व दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग करते हैं।

प्रारंभिक जांच में सहारे के ढांचे के नीचे की जमीन धंसने से संतुलन बिगड़ने की बात सामने आई है, जिसके चलते स्लैब गिर गया। उन्होंने कहा कि दोनों मजदूरों को हल्की चोटें आई हैं और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। – विजय बहादुर सिंह

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