तीन अप्रैल से शुरू होगी ऐतिहासिक 84 कोसी परिक्रमा, चार जिलों से होकर गुजरेगी, 22 दिन चलेगी
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अयोध्या। हनुमान मंडल के तत्वावधान में 84 कोसी परिक्रमा तीन अप्रैल से शुरू होगी। यह परिक्रमा चार जिलों से होकर गुजरेगी और 22 दिनों तक चलेगी। परिक्रमा में 500 से अधिक साधु-संतों के शामिल होने की संभावना है। कारसेवकपुरम में परिक्रमा के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है। परिक्रमा के लिए दो अप्रैल को कारसेवकपुरम से मखौड़ा के लिए साधु-संतों का जत्था रवाना होगा। विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने बताया कि जनमानस में यह विश्वास है कि 84 कोसी परिक्रमा करने से 84 लाख योनियों के भव-बंधन से मुक्ति मिलती है। इसी श्रद्धा और विश्वास के चलते अवध धाम की 84 कोसी परिक्रमा का धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है। परिक्रमा के दौरान कई ऐसे प्राचीन स्थल आते हैं, जिनका दर्शन-पूजन करने मात्र से पुण्य की प्राप्ति होती है।
परिक्रमा का आयोजन विश्व हिंदू परिषद और हनुमान मंडल के संयोजन में किया जा रहा है। परिक्रमा दो अप्रैल को दोपहर तीन बजे कारसेवकपुरम से मखधाम मखौड़ा के लिए रवाना होगी। तीन अप्रैल को सुबह छह बजे मखधाम मखौड़ा से परिक्रमा शुरू होकर 24 अप्रैल को अयोध्या वापस पहुंचेगी। वहीं धर्मार्थ सेवा संस्थान के अध्यक्ष महंत गयादास के नेत़ृत्व में भी तीन अप्रैल को सैकड़ों साधु-संत 84 कोसी परिक्रमा करेंगे।
इन मार्गों से होकर गुजरेगी परिक्रमा
02 अप्रैलः मखधाम मखौड़ा मखभूमि
03 अप्रैलः हनुमान मंदिर, फतेपुर, छावनी, राम रेखा (बस्ती)
04 अप्रैलः अमोढ़ा मंदिर, विशेशरगंज, फलाहारी आश्रम, हनुमान बाग (बस्ती)
05 अप्रैलः श्रृंगी ऋषि आश्रम, गोसाईगंंज महादेवा घाट (अयोध्या)
06 अप्रैलः कोमल साड़ी महमदपुर, टिकरी, जससिंह मऊ, तारुन (अयोध्या)
07 अप्रैलः रामपुर भगन दराबगंज, सीताकुंड, बीआकपुर (अयोध्या)
08 अप्रैलः रुरुखास, रेवतीराम मंदिर, रेवतीगंज चौराहा, आस्तिकन (अयोध्या)
09 अप्रैलः अस्थना पूरे भाले सुल्तान, कहुआ, श्रीराम सजीवन मिश्र आवास (अयोध्या)
10 अप्रैलः जन्मेजय कुंड सिरसिड, अमरगंज, नंदौली, पक्का तालाब अमानीगंज (अयोध्या)
11 अप्रैलः नहरपुल, ललुआपुर, रुदौली गेट, रुदौली (अयोध्या)
12 अप्रैलः रौजागांव, मैरामऊ, हनुमान मंदिर, संतोषी माता पटरंगा मोड़ (अयोध्या)
13 अप्रैलः अलियाबाद, फूलमती चौराहा, नियामतगंज ( बाराबंकी)
14 अप्रैलः मूर्तिहनघाट, सरय सरयू नदी पार करना, देवीगंज, दुलारेबाग (गोंडा)
15 अप्रैलः ब्रह्मचारी चौराहा, जम्मूघाट (गोंडा)
16 अप्रैलः भौरीगंज, राजापुर तुलसी दास जन्मस्थान (गोंडा)
17 अप्रैलः बाबा सुमिरन दास कुटी, भैरवदास कुर्टी, नायब पुरवा, बखरिया (गोंडा)
18 अप्रैलः बाराही देवी मंदिर, उमरी गांव, डिक्सिर (गोंडा)
19 अप्रैलः छोटका नियावां, अमदही रामघाट, पकड़ी हनुमान मंदिर, महर्षि जमदग्नि आश्रम (गोंडा)
20 अप्रैलः निर्मल पुरवा, गणेशगंज चौराहा, तुलसीपुर (गोंडा)
21 अप्रैल: रघुनाथपुर, कपिल मुनि आश्रम महंगूपुर (गोंडा)
22 अप्रैल: पहलवान वीर बाबा मंदिर, रेहली, सिकंदरपुर (बस्ती)
23 अप्रैल: मखौड़ा, कटरा कुटी धाम (गोंडा)
24 अप्रैल: कटरा कुटी धाम, अयोध्या धाम (अयोध्या)
