आजमगढ जिलाधिकारी का आदेश मनरेगा में गड़बड़ी पर कसेगा शिकंजा
1 min readआजमगढ जनपद में मनरेगा योजना के तहत कराए गए कार्यों का सोशल ऑडिट 26 मई 2026 से शुरू हो गया है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने बताया कि सोशल ऑडिट निदेशालय द्वारा 22 विकास खण्डों की 1811 ग्राम पंचायतों में वित्तीय वर्ष 2025-26 में मनरेगा के अंतर्गत हुए कार्यों का शत-प्रतिशत ऑडिट कराया जाएगा। इसके लिए 26 मई 2026 से 13 फरवरी 2027 तक का कैलेंडर निर्धारित किया गया है। ब्लॉक सोशल ऑडिट कोऑर्डिनेटर/प्रशिक्षित बीआरपी के माध्यम से ग्राम पंचायतों में सोशल ऑडिट होगा। टीम सदस्यों को एक सप्ताह पहले ग्राम पंचायत की सूचना दी जाएगी। प्रत्येक टीम के साथ एक ब्लॉक संसाधन व्यक्ति नामित किया गया है जो लगातार टीम के साथ रहेगा। मई-जून 2026 का कैलेंडर निदेशालय ने जारी किया हैA शेष अवधि का रोस्टर जनपद स्तर से जारी होगा। विकास खण्ड में ऑडिट शुरू होने से पहले इंट्री कॉन्फ्रेंस होगी। ऑडिट पूरा होने के बाद ब्लॉक सभा का आयोजन ब्लॉक पर होगा, जिसकी अध्यक्षता जिला विकास अधिकारी करेंगे। खण्ड विकास अधिकारी बैठक आयोजित कर ग्राम प्रधान समेत सभी को सूचित करेंगे। ब्लॉक सभा में कमियों व अनियमितताओं पर चर्चा होगी। सोशल ऑडिट में मिली वित्तीय अनियमितताओं में धनराशि की वसूली पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वित्तीय विचलन, प्रक्रिया उल्लंघन व शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण कर एटीआर को गति दी जाएगी। पूर्व की कमियों के एटीआर की भी समीक्षा होगी। रिपोर्ट डीएम, सीडीओ, बीडीओ, ग्राम पंचायत, निदेशालय व आयुक्त ग्राम्य विकास को भेजी जाएगी। सोशल ऑडिट टीम को वर्ष 2025-26 में भारत सरकार द्वारा निर्धारित मनरेगा के 7 रजिस्टरों से संबंधित सत्यापित अभिलेख उपलब्ध कराए जाएंगे। कैलेंडर की प्रति विकास खण्ड व जनपद मुख्यालय पर चस्पा होगी। बीडीओ सोशल ऑडिट से जुड़े सभी अभिलेख टीम को उपलब्ध कराएंगे। वित्तीय विचलन अधिकतर अभिलेख न देने के कारण होता है, इसलिए समय से अभिलेख दिए जाएंगे। ग्राम सभा की बैठक में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम रोजगार सेवक, तकनीकी सहायक की उपस्थिति अनिवार्य होगी। वरिष्ठ अधिकारी पर्यवेक्षक रहेंगे। ड्राफ्ट प्रतिवेदन सोशल ऑडिट टीम व बीआरपी तैयार करेंगे। शांति व्यवस्था के लिए पुलिस अधीक्षक थानाध्यक्षों को पुलिस बल उपलब्ध कराने के निर्देश देंगे। पारदर्शिता के लिए फोटोग्राफी कराई जाएगी। सोशल ऑडिट कैलेंडर के लिंक का QR कोड समाचार पत्रों में प्रकाशित कराया जाएगा। ऑडिट के बाद 7 कार्य दिवस में रिपोर्ट डीडीओ कार्यालय में देनी होगी। 15 कार्य दिवस में जिला सोशल ऑडिट कोऑर्डिनेटर भारत सरकार की वेबसाइट पर रिपोर्ट अपलोड करेंगे। 1 माह के अंदर कार्यक्रम अधिकारी एटीआर अपलोड करेंगे। यदि सोशल ऑडिट ग्राम सभा शुक्रवार को पड़े तो ग्राम चौपाल के साथ आयोजित की जाएगी।
