317 दिन जेल में रहने के बाद घर पहुंचे भदोही विधायक, नौकरानी की आत्महत्या के मामले हुई थी जेल
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भदोही। भदोही विधायक जाहिद बेग को मानव तस्करी मामले में हाईकोर्ट से 23 जुलाई को जमानत मिलने के एक सप्ताह के बाद शनिवार को उन्हें नैनी जेल से रिहा कर दिया गया। शनिवार को सुबह सपा जिलाध्यक्ष प्रदीप यादव और विधान सभा अध्यक्ष संतोश यादव के साथ विधायक के परिजन उन्हें नैनी जेल लेने पहुंचे थे। विधायक ने अपने विधान सभा क्षेत्र दुर्गागंज से भदोही में प्रवेश किया। दोपहर लगभग दो बजे अपने आवास पहुंचें विधायक ने पत्रकारों से कहा कि न्यायालय पर तो भरोसा पूरा था लेकिन प्रदेश सरकार पर भरोसा नहीं है।
आठ सितंबर की रात में विधायक आवास में उनकी नौकरानी ने आत्महत्या कर ली थी। अगले दिन सुबह उनके मलिकाना स्थित आवास पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर युवती का शव बाहर निकाला था। साथ ही उनके आवास पर कार्यरत एक नाबालिग नौकरानी को मुक्त भी कराया था।
गिरफ्तारी को पुलिस की दबिश के चलते विधायक ने 19 सितंबर को जिला न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया गया था जिसके बाद से कुछ दिन जिला कारागार में रखने के बाद उन्हें जिला प्रशासन ने सेंट्रल जेल नैनी स्थानांतरित कर दिया था। हलांकि पूरे मामले उन पर दर्ज तीनों मुकदमों में अलग अलग जमानत मिलने के बाद आज वे रिहा कर दिए गए।
अपने आवास पर विधायक ने कहा कि उन्होंने 317 दिन तक जेल मे बिताया। इस दौरान उन्हें केवल एक गिला था कि वे अपने समर्थकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और विधान सभा क्षेत्र की जनता से मिल नहीं पा रहे हैं। इसके अलावा अपने क्षेत्र के विकास को लेकर चिंतित रहता था। कहा मुझे न्यायालय पर तो पूरा भरोसा था लेकिन प्रदेश सरकार पर नहीं। मुझे इतने दिन जेल में क्यों रहना पड़ा वह हमारे क्षेत्र की जनता बखूबी जानती है। मुझे कोई सफाई देने की आवश्यकता नहीं है। कहा कि हम समाजवादी पार्टी के लोग हैं। समाजवादी का इतिहास रहा है कि हम विकट परिस्थितियों से कभी घबराए नहीं।
लगभग 12 बजे पकरी के फूलन देवी तिराहे पर जब पार्टी कार्यकर्ता और नेता विधायक का इंतजार कर रहे तो वहां पहुंची पुलिस ने सबको हट जाने का निर्देश दिया। पुलिस का तर्क था कि इस तरह के कार्यक्रम की कोई पूर्व सूचना नहीं ली गई है। लेकिन इसके बाद भी समर्थक और कार्यकर्ता वहीं विधायक का इंतजार करते रहे। इस बीच जब विधायक की गाड़ी तिराहे पर पहुंची तो साथ में पुलिस वाहन से चल रहे कोतवाली प्रभारी सच्चिदानंद पांडेय ने भीड़ को तितर बितर करने का प्रयास किया। इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष प्रदीप यादव से उनकी बहस भी हुई। लेकिन वहां से कोई टस से मस नहीं हुआ और विधायक का स्वागत करने के बाद ही हटा।
