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परिषदीय स्कूलों में विलय मामले में अहम सुनवाई सोमवार को, कोर्ट ने दिया था यथास्थिति बनाए रखने का आदेश

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लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय स्कूलों के विलय मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में 1 सितंबर को सुनवाई होगी। न्यायमूर्ति राजन रॉय की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष विशेष अपीलें सोमवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हैं। बीती 24 जुलाई को हाईकोर्ट ने विलय प्रक्रिया में उजागर हुई स्पष्ट अनियमितताओं के मद्देनजर सीतापुर के स्कूलों के विलय पर यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि यह अंतरिम आदेश देते समय अदालत ने स्कूलों के विलय या मर्जर की सरकार की नीति और इसपर अमल करने की मेरिट पर कुछ नहीं किया है। बीती 24 जुलाई को खंडपीठ के समक्ष विशेष अपीलों पर राज्य सरकार व बेसिक शिक्षा विभाग के अधिवक्ताओं ने बहस की थी। कोर्ट ने मामले में अंतरिम आदेश देकर अगली सुनवाई 21 अगस्त को नियत की थी। अदालत के सामने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश किए गए विलय के कुछ दस्तावेजों में साफ अनियमितताएं सामने आईं थीं। राज्य सरकार की ओर से इनका स्पष्टीकरण देने का समय मांगा गया था। जिनके मद्देनजर कोर्ट ने सीतापुर जिले में स्कूलों की विलय/ पेयरिंग प्रक्रिया पर 21 अगस्त तक मौजूदा स्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया था। इसके बाद अदालत ने बीते 21 अगस्त को सीतापुर में स्कूलों के विलय पर यथास्थिति बरकरार रखने का अंतरिम आदेश 1 सितंबर तक बढ़ा दिया था। पहली विशेष अपील सीतापुर के 5 बच्चों ने, और दूसरी भी वहीं के 17 बच्चों ने अपने अभिभावकों के जरिए दाखिल की है। इनमें स्कूलों के विलय में एकल पीठ द्वारा बीती 7 जुलाई को दिए गए फैसले को चुनौती देकर रद्द करने का आग्रह किया गया है। बीती 7 जुलाई को स्कूलों के विलय मामले में एकल पीठ ने प्रथामिक स्कूलों के विलय आदेश को चुनौती देने वाली दोनों याचिकाओं को खारिज कर दिया था। न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने यह फैसला सीतापुर के प्राथमिक व उच्च प्रथामिक स्कूलों में पढ़ने वाले 51 बच्चों समेत एक अन्य याचिका पर दिया था। इनमें बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा बीती 16 जून को जारी उस आदेश को चुनौती देकर रद्द करने का आग्रह किया गया था, जिसके तहत प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों की संख्या के आधार पर उच्च प्राथमिक या कंपोजिट स्कूलों में विलय करने का प्रावधान किया गया है।

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