बिजली का निजीकरण: देशव्यापी आंदोलन की तैयारी में ऊर्जा विभाग, 15 से होंगे राज्यवार सम्मेलन; 30 जनवरी को रैली
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लखनऊ। नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स (एनसीसीओईईई) की मुंबई में हुई बैठक में तय किया गया कि बिजली (संशोधन) विधेयक 2025 का हर स्तर पर विरोध होगा। बिजली कर्मचारी और इंजीनियर 30 जनवरी 2026 को दिल्ली में बिजली निजीकरण और बिजली (संशोधन) विधेयक 2025 के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन करेंगे। इससे पहले 14 दिसंबर को नई दिल्ली में किसानों, बिजली कर्मियों और उपभोक्ताओं के संयुक्त मोर्चे की बैठक होगी। इसके लिए 15 नवंबर से राज्यवार सम्मेलन शुरू किए जाएंगे।
मुंबई में सोमवार को हुई एनसीसीओईईई की बैठक में देशभर के बिजली अभियंताओं और कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। सभी ने देशभर में चल रहे बिजली निजीकरण प्रस्ताव की निंदा की। चेतावनी दी कि निजीकरण की प्रक्रिया नहीं रोकी गई तो वे उग्र प्रदर्शन करेंगे। तय किया गया कि यदि केंद्र सरकार उनकी आवाज नहीं सुनेगी तो देशभर के बिजली कर्मचारी और इंजीनियर देशव्यापी आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। देशव्यापी आंदोलन की तैयारी के लिए 15 नवंबर से 25 जनवरी तक सभी राज्यों में बिजली कर्मचारियों, किसानों और उपभोक्ताओं के सम्मेलन होंगे। फिर 30 जनवरी को दिल्ली में रैली होगी। ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे और महासचिव पी. रत्नाकर राव ने बताया कि बैठक में तय किया गया कि सभी राज्यों में नवंबर, दिसंबर और जनवरी में राज्य स्तरीय संयुक्त सम्मेलन होंगे।
