प्रो. ऋषभदेव शर्मा अंतरिक्ष व परमाणु ऊर्जा विभाग की संयुक्त हिंदी सलाहकार समिति में नामित
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भारत सरकार ने गैर-सरकारी सदस्य के रूप में किया मनोनयन, दक्षिण भारत में हिंदी सेवा को मिली पहचान
35 मौलिक पुस्तकों के रचनाकार, 150 से अधिक शोधार्थियों का कर चुके हैं मार्गदर्शन
हैदराबाद। मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी के दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र में हिंदी परामर्शी के रूप में कार्यरत प्रतिष्ठित हिंदी विद्वान प्रो. ऋषभदेव शर्मा को भारत सरकार के अंतरिक्ष विभाग एवं परमाणु ऊर्जा विभाग की संयुक्त हिंदी सलाहकार समिति में गैर-सरकारी सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया है। उनके मनोनयन को हिंदी भाषा और साहित्य के क्षेत्र में लंबे समय से किए जा रहे योगदान की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
कवि, समीक्षक, पत्रकार और समर्पित हिंदी सेवी प्रो. ऋषभदेव शर्मा दक्षिण भारत में हिंदी भाषा और साहित्य की गतिविधियों को सशक्त बनाने में निरंतर सक्रिय रहे हैं। वे उच्च शिक्षा और शोध संस्थान, दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा में आचार्य के रूप में सेवाएं दे चुके हैं, जहां उन्होंने लगभग 150 शोधार्थियों का मार्गदर्शन किया है।
प्रो. शर्मा की अब तक 35 मौलिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जबकि उनके संपादन में 100 से अधिक साहित्यिक एवं अकादमिक ग्रंथ प्रकाशित हुए हैं। वर्ष 1957 में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जन्मे प्रो. ऋषभदेव शर्मा राष्ट्रभाषा और विश्वभाषा के रूप में हिंदी की सशक्त भूमिका के मुखर समर्थक हैं। वे भाषाई शुद्धतावाद की बजाय हिंदी के लचीले और समावेशी स्वरूप को प्राथमिकता देने के लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं।
