आजमगढ़ : निजी प्रसव केंद्र की लापरवाही से प्रसूता की हुई मौत, समय पर रेफर न करने का परिजनों ने लगाया आरोप
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आजमगढ़। जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के लाटघाट बाजार में संचालित मां शारदा महिला प्रसव केंद्र में एक प्रसूता की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। यह निजी प्रसव केंद्र लाटघाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से महज कुछ सौ मीटर की दूरी पर संचालित हो रहा था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रौनापार थाना क्षेत्र के जमीन बेलकुंडा गांव निवासी मिंधू पटेल अपनी पहली डिलीवरी के लिए मायके रैचंदपट्टी आई हुई थीं। 24 जनवरी को परिजनों ने उन्हें मां शारदा महिला प्रसव केंद्र में भर्ती कराया। 25 जनवरी को आॅपरेशन के जरिए उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया, जिसे हालत नाजुक होने पर शहर के एक निजी अस्पताल के एनआईसीयू में भर्ती कराया गया। इसी दौरान आॅपरेशन के बाद प्रसूता की हालत लगातार बिगड़ती चली गई, लेकिन परिजनों का आरोप है कि अस्पताल संचालक ने समय रहते उन्हें उच्च केंद्र पर रेफर करने से इनकार कर दिया। 27 जनवरी को स्थिति गंभीर होने पर परिजन उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां देर रात प्रसूता की मौत हो गई। प्रसूता की मौत की खबर मिलते ही आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया, लेकिन तब तक अस्पताल संचालक मौके से फरार हो चुका था। परिजनों का आरोप है कि स्थानीय पुलिस चौकी के जिम्मेदार केवल आश्वासन देते रहे और तहरीर देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। न्याय न मिलने से क्षुब्ध परिजन एसएसपी कार्यालय पहुंचे, जहां शिकायत के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटना की जानकारी मिलते ही सीएमओ कार्यालय से तैनात डॉक्टर आलेन्द्र कुमार लाटघाट पहुंचे और अस्पताल को सीज कर दिया। इस संबंध में जीयनपुर कोतवाल ने बताया कि तहरीर प्राप्त हो चुकी है और सीएमओ कार्यालय से पत्र मिलते ही मामले में विधिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं सीएमओ नन्हकू राम वर्मा ने बताया कि मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है, अस्पताल को सीज कर दिया गया है और लाटघाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी द्वारा स्थानीय थाने में घटना के जिम्मेदारों के खिलाफ तहरीर भी दी जा चुकी है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध निजी अस्पतालों के कारण जान गंवाने वाली इस प्रसूता को न्याय मिल पाएगा, या फिर पूर्व की तरह कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित रह जाएगी।
