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सदन में पेश हुआ यूपी सरकार का बजट, 6 करोड़ लोग गरीबी रेखा से हुए ऊपर; बढ़ी प्रति व्यक्ति आय

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लखनऊ। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने जानकारी दी कि कृषि उत्पादन में उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है। युवाओं को रोजगार के लिए प्रशिक्षण पर हमारा लक्ष्य है। यूपी में एग्री एक्सपोर्ट हब बनाए जाएंगे। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लगभग लाखों किसानों को फायदा पहुंचा गया। हमारी सरकार ने रिकॉर्ड गन्ना भुगतान किया है।

वित्तमंत्री ने कहा कि पिछले और वर्तमान कार्यकाल में प्रदेश का सर्वांगीण विकास हुआ है, चाहे कानून व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण हो, अवस्थापना सुविधाओं का विस्तार हो, औद्योगिक निवेश हो, रोजगार सृजन हो, महिलाओं का सशक्तीकरण हो, युवाओं का कौशल संवर्धन हो, किसानों की खुशहाली हो, गरीबी उन्मूलन हो।

वर्ष 2024-2025 (त्वरित अनुमान) में प्रदेश की जीएसडीपी 30.25 लाख करोड रूपये आकलित हुयी है, जो गत वर्ष की तुलना में 13.4 प्रतिशत की वृद्धि परिलक्षित करता है।

प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 1,09,844 रूपये आकलित हुयी है जो वर्ष 2016-2017 में प्रति व्यक्ति आय 54,564 रूपये के दो गुने से अधिक है।

वर्ष 2025-2026 में प्रति व्यक्ति आय 1,20,000 रूपये होने का अनुमान है। प्रदेश में हम लगभग 06 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से ऊपर उठाने में सफल हुये हैं। बेरोजगारी की दर 2.24 प्रतिशत रह गयी है।

ये रहीं बजट की खास बातें

●एसडीजी इंडिया इण्डेक्स में उत्तर प्रदेश की रैंकिंग जो वर्ष 2018-2019 में 29 वें स्थान पर थी, बेहतर होकर वर्ष 2023-2024 में 18 वें स्थान पर आ गयी है।

● राज्य सरकार द्वारा फरवरी, 2024 में चौथे ग्लोबल इन्वेस्टर्स सम्मिट का सफलतम आयोजन किया गया।

● अब तक लगभग 50 लाख करोड़ रूपये के एमओयू हस्ताक्षरित हो चुके हैं जिनसे लगभग 10 लाख रोजगार का सृजन सम्भावित है।

● इनमें से, अब तक लगभग 15 लाख करोड़ रूपये के निवेश की लगभग 16 हजार से अधिक परियोजनाओं के 04 ग्राउण्ड ब्र्रेकिंग समारोह सम्पन्न हो चुके हैं।

● उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केन्द्र है। देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65 प्रतिशत उत्पादन प्रदेश में होता है।

● भारत की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कम्पोनेन्ट्स इकाईयाँ प्रदेश में स्थित हैं। प्रदेश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रूपये तक पहुंच गया है।

● उद्योग और तकनीक में निवेश के साथ ही प्रदेश में नवाचार को बढ़ावा देने हेतु किये गये प्रयासों के फलस्वरूप उत्तर प्रदेश राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्ट अप रैंकिंग में ‘‘लीडर श्रेणी’’ की रैंकिंग हासिल हुई है।

पिछले बजट की तुलना में इस बार 12 प्रतिशत बढ़ोत्तरी

-यूपी का इस बार का बजट का आकार 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपए का है। पिछले बजट की तुलना में 12 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हुई है।

-यूपी में अब तक लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हस्ताक्षरित हो चुके हैं जिनसे लगभग 10 लाख रोजगार का सृजन सम्भावित है। अब तक लगभग 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश की लगभग 16 हजार से अधिक परियोजनाओं के 4 ग्राउंड ब्रेकिग समारोह सम्पन्न हो चुके हैं।

-उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केन्द्र है। देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65 प्रतिशत उत्पादन प्रदेश में होता है।

-भारत की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कम्पोनेन्ट्स इकाइयां प्रदेश में स्थित हैं। प्रदेश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

-उद्योग और तकनीक में निवेश के साथ ही प्रदेश में नवाचार को बढ़ावा देने हेतु किए गए प्रयासों के फलस्वरूप उत्तर प्रदेश राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्ट अप रैंकिंग में लीडर श्रेणी की रैंकिंग हासिल हुई है।

एग्री-एक्सपोर्ट हब की स्थापना की होगी घोषणा

● विश्व बैंक सहायतित यू.पी.एग्रीज परियोजना के अन्तर्गत एग्री-एक्सपोर्ट हब की स्थापना करायी जायेगी।

● ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अगले चरण के रूप में जनविश्वास सिद्धान्त के आधार पर उद्योगों को प्रोत्साहन प्रदान किया जायेगा जिसमें रजिस्ट्रेशन, लाइसेसिंग आदि कार्यवाहियों को और अधिक सहज एवं सुगम बनाया जायेगा।

● प्रदेश में डिजिटल इन्टरप्रन्योरशिप योजना पर कार्य किया जायेगा।

● जहाँ अर्थव्यवस्था में पूँजी निवेश और अवस्थापना विकास का महत्वपूर्ण योगदान है, वहीं प्रदेश की युवा जनशक्ति को रोजगार के अवसर प्रदान करने, उन्हें रोजगार के लिये सक्षम बनाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

● ऐसे व्यक्ति जिनके पास किसी भी व्यवसाय में हस्तकौशल या निपुणता प्राप्त है, कभी भी बेरोजगार नहीं रह सकते। इसलिये युवाओं के लिये बड़े पैमाने पर रोजगारपरक प्रशिक्षण और कौशल संवर्धन को प्राथमिकता के आधार पर मिशन मोड में संचालित किया जाना आवश्यक है।

● पढ़ाई के साथ-साथ युवाओं के कौशल सम्वर्द्धन की व्यवस्था की जानी होगी। हमारे कौशल विकास प्रशिक्षण केन्द्रों की क्षमता बढ़ायी जायेगी तथा नये केन्द्र स्थापित किये जायेंगे।

● इस अभियान में निजी क्षेत्र की सहभागिता भी सुनिश्चित की जानी होगी। पीपीपी मोड में कौशल संवर्द्धन और जॉब प्लेसमेण्ट केन्द्र विभिन्न जनपदों में स्थापित किये जाने होंगे।

● इस व्यवस्था से कार्यबल में महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने के लिये महिलाओं के लिये पृथक केन्द्रों की स्थापना की जायेगी।

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