यूपी: प्रदेश में फिर से गर्माया यूजीसी का मुद्दा, भाजपा सांसद दिनेश शर्मा के सामने नारेबाजी; जमकर हुआ हंगामा
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लखनऊ। राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शनिवार को अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के प्रबुद्ध समागम में हंगामा हो गया। बीजेपी सांसद व पूर्व डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा को भी विरोध का सामना करना पड़ा। यूजीसी के नए प्रावधानों और ब्राह्मण हितों पर चुप्पी से नाराज लोगों ने उनके खिलाफ नारेबाजी की। कार्यक्रम में डॉ. दिनेश शर्मा के बोलना शुरू करते ही लोग उनसे यूजीसी मुद्दे पर जवाब मांगने लगे। शोर इतना बढ़ गया कि उन्हें अपना भाषण अधूरा छोड़ना पड़ा। विरोध के बीच डॉ. दिनेश शर्मा भारत माता की जय का नारा लगाते हुए अपनी सीट पर जाकर बैठ गए।
समागम में राजनीति से ऊपर उठकर विभिन्न दलों के प्रबुद्ध नेता शामिल हुए। जिनमें पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र,उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र नाथ त्रिपाठी, निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री, यूपी कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडेय, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय मौजूद रहे।
निलंबित पीसीएस अलंकार अग्निहोत्री ने मंदिर और चंदे से जुड़े विषयों पर बोलना शुरू किया, तो आयोजकों ने मुद्दे पर बात करने को कहा। हस्तक्षेप से भड़के लोगों ने अलंकार के समर्थन में नारेबाजी शुरू कर दी। अलंकार ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार में ब्राह्मण पीड़ित है। उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। कोई ब्राह्मण सरकार के साथ नहीं है। यूजीसी के नए प्रावधान सामान्य वर्ग के खिलाफ हैं। इसका विरोध जरूरी है। मंच पर लोगों ने मेरा विरोध किया लेकिन, नीचे बैठे लोगों ने समर्थन दिया।
समागम में शंकराचार्य विवाद भी उठा। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र नाथ त्रिपाठी ने बटुकों के साथ हुए व्यवहार और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर रोष व्यक्त किया। कहा, हिंदूवादी सरकार में शंकराचार्य का अपमान दुर्भाग्यपूर्ण है।
