प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं, सरकार ने जारी की गाइडलाइन, कहा- अफवाहों पर ध्यान न दें
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लखनऊ। प्रदेश में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। तेल कंपनियों के पास करीब 22 दिन का स्टॉक मौजूद है। यह जानकारी राज्य स्तरीय समन्वयक- तेल उद्योग, उत्तर प्रदेश ने दी। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। बता दें कि मंगलवार को कई जिलों में पेट्रोल और डीजल की कमी होने की अफवाह फैलने की वजह से पेट्रोल पंपों पर लोगों की हुजूम जुट गया था। राज्य स्तरीय समन्वयक संजय भंडारी के अनुसार वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद प्रदेश में एलपीजी एवं पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता पर्याप्त एवं सामान्य है। प्रदेश के 13,168 पेट्रोल पंप पर औसतन करीब 5 दिनों का पेट्रोल एवं डीजल स्टॉक उपलब्ध है।
वहीं, तीनों ऑयल कंपनियों के डिपो में लगभग 16 से 17 दिनों का अतिरिक्त स्टॉक उपलब्ध है। इस प्रकार प्रदेश में कुल मिलाकर 20 से 22 दिनों का पेट्रोल एवं डीजल स्टॉक उपलब्ध है, जो सामान्य संचालन स्तर से अधिक है।
सभी पेट्रोल पंप पर पेट्रोलियम पदार्थों की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है तथा सभी आउटलेट्स पर आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है। उन्होंने जनता से अनुरोध किया है कि आवश्यकतानुसार पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद करें और संयमित खपत बनाए रखें। फिलहाल सप्लाई चेन में कोई बाधा नहीं है, इसलिए घबराहट में खरीद करने अथवा भंडारण करने से बचें।
उन्होंने बताया कि राज्य में कुल 4,143 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स हैं, जो करीब 4.85 करोड़ उपभोक्ताओं को समय पर गैस की आपूर्ति कर रहे हैं। यह व्यवस्था 36 एलपीजी बॉटलिंग प्लांट्स के माध्यम से संचालित होती है। वर्तमान में तीनों ऑयल कंपनियों के बॉटलिंग प्लांट्स पर करीब 4 दिनों का एलपीजी स्टॉक है, जो पर्याप्त है।
प्रदेश में रोजाना औसतन 10-11 लाख बुकिंग होती हैं, जिसके सापेक्ष करीब 7 लाख सिलेंडरों की डिलीवरी की जाती है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अनावश्यक बुकिंग करने से बचने की अपील की है। यह अनुरोध भी किया कि अपनी आवश्यकता के अनुसार ही गैस की बुकिंग करें। अंतिम सिलेंडर की प्राप्ति के 25 दिन बाद ही अगली बुकिंग कराएं, ताकि सभी उपभोक्ताओं को समय पर एवं सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
