स्मार्ट मीटर की ‘सुस्त’ तकनीक, बिल जमा करने के बाद भी घंटों नहीं शुरू हो रही आपूर्ति
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लखनऊ। उन्नाव निवासी शिव प्रकाश तिवारी का कनेक्शन निगेटिव बैलेंस में कट गया। वह तत्काल बिल जमा किए। आपूर्ति 24 घंटे बाद शुरू हुई। कुछ ऐसा ही लखनऊ के भतोईया निवासी अजयवीर सिंह के साथ हुआ। 700 रुपये के बकाये में कनेक्शन कट गया। बिल जमा किया। चार घंटे बाद बिजली आई। शिव प्रकाश और अजयवीर तो उदाहरण हैं। यह हाल पूरे प्रदेश का है। प्रदेश में 13 मार्च से शुरू नई व्यवस्था लागू हुई है। 78 लाख उपभोक्ताओं में 70.50 लाख के यहां स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगा है। यह आटोमैटिक मोड में हैं। बैलेंस निगेटिव होते ही आपूर्ति बंद हो जाती है। बिल जमा होने पर दो घंटे के अंदर आपूर्ति चालू होने का दावा है, जबकि हकीकत एकदम अलग है। बिजली जमा करने के बाद भी उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इससे उपभोक्ता परेशान हैं।
वे बिजली कार्यालयों पर हंगामा कर रहे हैं। निगमों के अवर अभियंता से लेकर अधीक्षण अभियंता तक परेशान हैं। उनका दर्द निगमों के आंतरिक ह्वाट्सअप ग्रुप में भी दिख रहा है। अभियंता उपभोक्ताओं की रसीदें ग्रुप में डालते हैं और हालात बताते हैं।
वे आपूर्ति शुरू कराने की गुहार लगाते हैं। क्योंकि कनेक्शन जोड़ना उनके हाथ में नहीं है। यह आटोमैटिक है। मैनुअल कार्य प्रदेशभर में बने 10 मीटर डाटा मैनेजमेंट सेंटर से होता है। अभियंता ग्रूप के जरिए इस सेंटर से गुहार लगाते हैं ।
