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प्रसूता की संदिग्ध मौत

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आजमगढ़।  लालगंज के सुमन हॉस्पिटल में 22 वर्षीय प्रसूता की संदिग्ध मौत के बाद मंगलवार देर शाम जमकर हंगामा हुआ। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल संचालक पर गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। तनाव बढ़ने पर डायल-112 और देवगांव थाना पुलिस के साथ अतिरिक्त फोर्स तैनात करनी पड़ी। देवगांव थाना क्षेत्र के रणमो बम्मोंपुर गांव निवासी प्रियंका राजभर (22) पत्नी धर्मवीर की शादी मई 2025 में हुई थी। परिजनों के मुताबिक सोमवार सुबह लालगंज स्थित सुमन हॉस्पिटल में ऑपरेशन से प्रियंका ने बच्ची को जन्म दिया। यह उसका पहला प्रसव था। पति धर्मवीर मुंबई में नौकरी करता है और घटना के समय घर पर नहीं था। परिजनों का आरोप है कि प्रसव के बाद प्रियंका की हालत सामान्य थी। मंगलवार शाम अचानक तबीयत बिगड़ी और मुंह से खून आने लगा। आरोप है कि गंभीर हालत के बावजूद अस्पताल ने इलाज के बजाय भूत-प्रेत जैसी बातें कहकर टालने की कोशिश की। बाद में वाराणसी ले जाने की तैयारी की गई। विरोध पर रेफर की बात कही और रास्ते में ही फोन कर मौत की सूचना दे दी। मौत की खबर पर रणमो बम्मोंपुर गांव में आक्रोश फैल गया। करीब सौ से अधिक ग्रामीण और परिजन अस्पताल पहुंच गए। लोगों ने परिसर में हंगामा कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। सीएचसी देवगांव के डॉक्टर आत्मा राम सिंह जांच के लिए पहुंचे तो फार्मेसी, वार्ड, ओपीडी और डिलीवरी रूम तो मिले, लेकिन कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। अस्पताल के दस्तावेज भी नहीं दिखाए गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि वर्ष 2025 में यह अस्पताल तीन बार सीज किया जा चुका है, फिर भी संचालन जारी था। इसी बात पर ग्रामीणों में नाराजगी थी। देर रात शव गांव पहुंचने पर कोहराम मच गया। परिजन आरोपी डॉक्टर पर तत्काल मुकदमा दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे। समझाने के बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

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