बेटे-बहू को मरवा कर मां बोली: ‘सुंदर लड़की से शादी करवाई… बाद में पता चली बहू की सच्चाई; दोनों को समझाया था’
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आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा के अछनेरा के विकास और उनकी पत्नी दीक्षा हत्याकांड का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। बेटे और बहू की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उनकी मां ने करवाई थी। मारने का काम भी विकास और दीक्षा के अपनों ने किया है। करौली में छोटी दिवाली पर (बुधवार) को विकास और पत्नी दीक्षा को मौत के घाट उतार दिया गया था। राजस्थान की पुलिस ने मामले का खुलासा का दिया है। मां ने हत्या की साजिश रची थी और मामा ने अपने चालक के साथ हत्याकांड को अंजाम दिया।
करौली पुलिस ने ललिता (मां) को पकड़ा है। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि बेटे का एक लड़की से अफेयर चल रह था। जैसे-तैसे सुंदर लड़की से उसकी शादी करवाई। बहू के भी विवाहेत्तर संबंध चल रहे थे। दोनों को समझाया। वे कुछ सुनने को तैयार नहीं थे। यह बात गांव में पता चल जाती तो वे कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं रहते। दूसरे बच्चों की शादियां नहीं हो पातीं। राजस्थान के करौली जिले के मासलपुर थाना क्षेत्र में गांव भोजपुर के पास कार में 30 अक्तूबर की सुबह विकास सिसौदिया और उसकी पत्नी दीक्षा की कार में गोली मारकर हत्या की गई थी। 10 माह पहले ही दोनों की शादी हुई थी। दोनों करौली माता के दर्शन करने के लिए अपने मामा रामबरन की कार मांगकर ले गए थे।
करौली पुलिस ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले। सीसीटीवी कैमरे में पति-पत्नी के साथ एक और युवक भी दिखाई दिया था। उसकी पहचान गांव ईंटकी (धौलपुर) निवासी चमन खान के रूप में हुई। परिजन ने पुलिस को बताया कि चमन तीन-चार दिन से उनके घर ही रह रहा था। विकास को कार चलाना सिखा रहा था। पुलिस ने चमन से पूछताछ की तो उसने बताया कि उसने और विकास के मामा रामबरन ने मिलकर हत्या की थी।
एसपी करौली बृजेंद्र ज्योति उपाध्याय के अनुसार करौली जिले के मासलपुर थाना क्षेत्र में गांव भोजपुर के पास कार में 30 अक्तूबर की सुबह अछनेरा के गांव सांथा निवासी विकास सिसौदिया और उनकी पत्नी दीक्षा की कार में गोली मारकर हत्या की गई थी। 10 माह पहले दोनों की शादी हुई थी। दोनों करौली माता का दर्शन करने के लिए अपने मामा रामबरन (निवासी सैपऊ के गांव ईंटकी) की कार मांगकर ले गए थे। परिजन ने पुलिस को बताया था कि विकास मंगलवार दोपहर घर से पत्नी के साथ निकला था। कार में विकास का शव ड्राइविंग सीट व उनकी पत्नी का शव पिछली सीट पर मिला था। कार में 7.65 बोर के तीन खाली खोखे, एक .315 बोर का खोखा और कार के बाहर 7.65 बोर का एक कारतूस मिला था।
कार में कैलादेवी भवन का प्रसाद भी रखा था। सीसीटीवी कैमरे में पति-पत्नी के साथ एक और युवक दिखाई दिया था। उसकी पहचान गांव ईंटकी (धौलपुर) निवासी चमन खान के रूप में हुई। परिजन ने पुलिस को बताया कि चमन तीन-चार दिन से उनके घर ही रह रहा था। विकास को कार चलाना सिखा रहा था। कार विकास के मामा रामबरन (ईंटकी, धौलपुर) की है। करौली पुलिस ने चमन से पूछताछ की तो उसने बताया कि उसने और विकास के मामा रामबरन ने मिलकर हत्या की। पुलिस ने विकास के मामा रामबरन को हिरासत में लिया। बताया कि उसने ही भांजे और उसकी पत्नी को गोलियां मारी थीं। बहन ललिता (विकास की मां) ने ऐसा करने के लिए कहा था।
मामा ने कहा, बहन की दूर की परेशानी
चमन के बाद पुलिस ने विकास सिसौदिया के मामा रामबरन को हिरासत में लिया। उससे पूछताछ हुई तो शुरू में उसने खुद को निर्दोष बताया। पुलिस ने उससे कहा कि वह सीसीटीवी में आ गया है। सख्ती पर रामबरन टूट गया। बताया कि उसने ही भांजे और उसकी पत्नी को गोलियां मारी थीं। बहन ललिता उर्फ लालो (विकास की मां) ने ऐसा करने के लिए कहा था। करौली पुलिस ने अछनेरा के गांव सांथा में दबिश देकर विकास की मां को पकड़ा। मां के पकड़े जाते ही गांव में खलबली मच गई। मां ने ही बेटा और बहू को मरवा दिया। यह बात पहले तो लोगों को गले नहीं उतरी। पर, वजह पता चली तो होश उड़ गए। गांववालों को भरोसा नहीं हो रहा है कि कोई मां भी ऐसा करवा सकती है।
अछनेरा के गांव सांधा निवासी विकास और उनकी पत्नी दीक्षा की हत्या के मामले में करौली पुलिस ने बृहस्पतिवार की शाम मृतक दंपती के दो मोबाइल भी घटनास्थल के पास से बरामद किए। हत्या में प्रयुक्त पिस्टल भी चमन की निशानदेही पर बरामद की है।
हत्यारोपी चमन खान विकास के मामा बंटी और रामबरन के यहां नौकरी करता था। जिसका गांव साथा आना-जाना था। विकास उसे मामा कहता था। विकास के पिता जितेंद्र सिंह फफक-फफक कर बोले ललिता देवी अपने बेटे और पुत्रवधू को क्यों मरवाएगी। पुलिस को मिले मोबाइलों से उनकी कॉल डिटेल से ही ज्ञात हो सकेगा कि इन दोनों की किन-किन लोगों से बात होती थी। फिलहाल गांव वाले और रिश्तेदार पिता जितेंद्र को सांत्वना दे रहे हैं।
