आजमगढ़ में तस्करों के हौसले बुलंद…गौशाला में वाहन सहित घुसे, लादने लगे पशु; पुलिस पहुंचते ही पिकअप छोड़कर फरार
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आजमगढ़। अजमतगढ़ विकासखंड स्थित पारनकुंडा गौशाला में बीती रात करीब 12 बजे गौ तस्करों ने बड़ी वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया। तस्कर पिकअप वाहन के जरिए गौशाला परिसर में घुसे और गौवंश को ले जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान मऊ जनपद की पुलिस को घटना की सूचना मिली।
पुलिस टीम के गौशाला पहुंचते ही तस्कर मौके से फरार हो गए। घटनास्थल पर एक पिकअप वाहन खड़ा मिला, जिसमें तीन गौवंश लदे हुए थे, जबकि करीब एक दर्जन से अधिक गौवंश को बांधकर रखा गया था। बताया गया कि घटना के समय गौशाला पर कोई कर्मचारी या सुरक्षा व्यवस्था मौजूद नहीं थी।
शोरगुल सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और ग्राम प्रधान पारनकुंडा को सूचना दी। ग्राम प्रधान ने तत्काल लाटघाट पुलिस चौकी को अवगत कराया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। घटना की जानकारी एसडीएम सगड़ी को भी दी।
रविवार की सुबह एसडीएम सगड़ी नायब तहसीलदार के साथ मौके पर पहुंचे। इसके अलावा मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना, अपर जिलाधिकारी प्रशासन राहुल विश्वकर्मा और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी मुकेश गुप्ता ने भी गौशाला का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि गौशाला पर केवल पप्पू शाही नामक एक व्यक्ति ही रह रहा था, जबकि कोई अन्य कर्मचारी या सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। अधिकारियों ने इस लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए आवश्यक निर्देश दिए।
पशु चिकित्सक ओमप्रकाश आनंद ने बताया कि शुक्रवार सुबह गौशाला में 74 पशु थे, शाम को 16 पशु बाहर से लाए गए थे और वर्तमान में कुल 90 गौवंश मौजूद हैं। ग्राम प्रधान राजमती देवी के प्रतिनिधि अमित कुमार सिंह ने बताया कि मऊ पुलिस की सूचना पर तत्काल स्थानीय पुलिस को अवगत कराया गया था, जिसके बाद गौशाला में एक पिकअप वाहन खड़ा मिला।
घटना के बाद पूरे जनपद के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। जीयनपुर पुलिस पिकअप वाहन के आधार पर गौ तस्करों की तलाश में जुटी हुई है और जल्द ही मामले के खुलासे की उम्मीद जताई जा रही है। मौके पर खंड विकास अधिकारी जितेंद्र मिश्रा, सचिव सुरेंद्र कुमार, सीवीओ सहित गांव के रजनीश सिंह, सन्नी, रणधीर, हनुमान यादव आदि भी मौजूद रहे।
