वोटर लिस्ट को लेकर सपा और आयोग आमने-सामने, पार्टी बोली- झूठ बोले-कौआ काटे; हुआ पलटवार भी
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लखनऊ। वोटर आईडी कार्ड (एपिक) के साथ मोबाइल नंबर जुड़वाने में लगने वाले समय को लेकर चुनाव आयोग और सपा में तीखी जुबानी जंग चली। आयोग ने एक्स पर कहा कि इसमें 5-10 मिनट लगता है, तो सपा मीडिया सेल ने उसी प्लेटफॉर्म पर जवाब दिया कि झूठ बोलने पर कौआ भी काट लेता है। इस पर आयोग ने मोबाइल नंबर जोड़ने के फायदे गिनाते हुए जवाब दिया-पहले इस्तेमाल करें, फिर विश्वास करें। दोनों ने एक-दूसरे को टैग करते हुए ये बातें लिखीं।
जावेद हुसैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स @ceoup पर पूछा कि वोटर आईडी कार्ड में मोबाइल नंबर अपडेट करने में कितना समय लगता है। आयोग ने जवाब में लिखा : 5-10 मिनट। इस पर सपा मीडिया सेल के एकाउंट से व्यंगात्मक लहजे में जवाब दिया गया। सीईओ नवदीप रिणवा बताते हैं कि मतदाता के वोटर आईडी कार्ड (एपिक) के साथ उसका मोबाइल नंबर जोड़ना बहुत ही आसान है और घर बैठे ही मिनटों में इस काम को किया जा सकता है।
घर बैठे डाउनलोड कर सकते हैं ई- वोटर कार्ड
सीईओ आगे बताते हैं कि अगर आप फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा रहे हैं और फॉर्म में अपना मोबाइल नंबर भरा है, तो आपका नाम वोटर लिस्ट में जुड़ते ही (10-15 दिन में) अपना ई-वोटर कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। प्रिंट किया हुआ वोटर आईडी कार्ड डाक विभाग के माध्यम से आवासीय पते पर भेजने में समय लग जाता है।
मोबाइल नंबर दर्ज होने पर जितनी बार चाहें, उतनी बार अपना ई-एपिक घर बैठे ही डाउनलोड कर सकते हैं। मतदाता सूची और वोटर आईडी कार्ड ( एपिक) में त्रुटियों को घर बैठे ही ऑनलाइन फॉर्म-8 भरकर त्रुटियों को ठीक करने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
इसके अलावा ECINET मोबाइल एप और http://electoralsearch.eci.gov.in पर वोटर आईडी से जुड़ा मोबाइल नंबर डालकर या वोटर आईडी कार्ड पर बने क्यूआर कोड को स्कैन कर जब चाहें तब कुछ ही सेकेंडों में अपना पोलिंग स्टेशन नंबर और मतदाता सूची में अपना क्रमांक तत्काल पता कर सकते हैं।
