आजमगढ़ में पुस्तक एवं पर्यावरण मेला-2026 का भव्य शुभारंभ
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जिलाधिकारी ने कहा— किताबें बोलती हैं तो सदियां सुनती हैं
आजमगढ़। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने रविवार को हरिऔध कला केंद्र आजमगढ़ में सामाजिक वानिकी प्रभाग एवं जिला पर्यावरण समिति द्वारा आयोजित पुस्तक एवं पर्यावरण मेला-2026 का फीता काटकर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर भव्य शुभारंभ किया। यह मेला 02 फरवरी से 08 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा। उद्घाटन अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि इस मेले से जनपदवासियों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी व्यापक लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पुस्तकों का प्रभाव स्थायी होता है, जब किताबें बोलती हैं तो सदियां सुनती हैं। टीवी, भाषण या नाटक का प्रभाव सीमित समय तक रहता है, जबकि लिखी हुई किताबें पीढ़ियों तक समाज को प्रभावित करती हैं। उन्होंने कहा कि यह मेला आजमगढ़ के लिए एक सुनहरा अवसर है, जहां देश के प्रतिष्ठित प्रकाशन, विभिन्न विषयों की उत्कृष्ट पुस्तकें और नामचीन लेखक एक ही मंच पर उपलब्ध हैं। जिलाधिकारी ने आजमगढ़ की साहित्यिक विरासत का उल्लेख करते हुए राहुल सांकृत्यायन, अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’, रामधारी सिंह दिनकर और मुंशी प्रेमचंद जैसे महान साहित्यकारों का स्मरण किया, जिनकी रचनाएं मेले में उपलब्ध हैं।जिलाधिकारी ने स्कूल एवं कॉलेजों के प्रधानाचार्यों से अपील की कि वे हाईस्कूल से लेकर पोस्ट ग्रेजुएशन तक के छात्रों को मेले में अवश्य लाएं। उन्होंने बताया कि छात्रों को पुस्तकों पर न्यूनतम 25 प्रतिशत की छूट दी जा रही है, जिससे वे अपनी पसंद की किताबें खरीदकर अध्ययन कर सकें। यह मेला न केवल ज्ञानवर्धन, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और जीवन में प्रेरणा प्राप्त करने का भी सशक्त माध्यम है।
पर्यावरण मेले पर प्रकाश डालते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि प्रवेश द्वार पर पुस्तक के आकार में बना पेड़ ज्ञान और पर्यावरण के अंतर्संबंध को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि हाल ही में तमसा नदी के पुनरोद्धार का कार्य किया गया है तथा वर्ष 2025 में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण हुआ। वर्ष 2026 में जुलाई-अगस्त के दौरान लगभग 56 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में वन विभाग, जिला प्रशासन और सामाजिक प्रतिनिधियों की भूमिका की सराहना करते हुए इसे समाज एवं पर्यावरण हित में महत्वपूर्ण बताया तथा भविष्य में ऐसे आयोजनों को और अधिक प्रभावी ढंग से आयोजित करने की कामना की।
जिलाधिकारी ने बताया कि मेले के दौरान प्रतिदिन जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों द्वारा जन-जागरूकता कार्यक्रम एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी।
उद्घाटन समारोह में मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना, पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन, डीएफओ आकांक्षा जैन, मुख्य कोषाधिकारी अनुराग श्रीवास्तव सहित अनेक गणमान्य अतिथिगण उपस्थित रहे।
वहीं अंतरराष्ट्रीय आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर सामाजिक वानिकी प्रभाग आजमगढ़ द्वारा जीयनपुर रेंज स्थित ताल सलोना वेटलैंड पर विद्यार्थियों के साथ बर्ड वॉचिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके साथ ही वेटलैंड और बर्ड वॉचिंग विषयों पर क्विज प्रतियोगिता, चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं भी संपन्न हुईं।
