सपा सरकार ने 27 प्रतिशत आरक्षण खुद की जाति पर ही लुटा दिया : ओम प्रकाश
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अहरौला (आजमगढ़)। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि यह जनसैलाब 2027 में बदलाव का संकेत दे रहा। 2012 से 2016 तक यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार थी। इससे पहले भी मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री थे। उन्होंने ओबीसी का 27 प्रतिशत आरक्षण अपनी जाति के लोगों पर ही लुटा दिया। ओबीसी के दूसरे समाज का ध्यान ही नहीं रखा। रोहिणी आयोग की रिपोर्ट लागू होनी चाहिए। इसके लिए प्रधानमंत्री से हमने प्रस्ताव रखा है। जातिगत जनगणना का प्रस्ताव रखा था जिसे प्रधानमंत्री ने हरी झंडी दे दी है।ओम प्रकाश राजभर रविवार को जनता इंटर कॉलेज के मैदान में सामाजिक समरसता रैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में एनडीए आजमगढ़ की सभी 10 सीटें जीतेगी। इस चुनाव में सपा फिर 2017 में जहां थी, वहीं पहुंच जाएगी।
विशिष्ट अतिथि व राज्यसभा सांसद राजा अनंत राय ने कहा कि महाराजा सुहेलदेव की जन्म जयंती समारोह मना रहे हैं। यहां उमड़ा युवाओं का जनसैलाब बता रहा है कि बदलाव की हवा चल रही है। देश किसी के बाप का नहीं है। देश हमारे बाप का है। हम बिहार से भी जुड़े हैं जहां सीता माता का मायका और भगवान श्री राम की ससुराल है। राजभर समाज, दलित और पिछड़ों के हक में ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी की सरकार से इस्तीफा दे दिया था।
कार्यक्रम समाप्त होने के 40 मिनट बाद पहुंचे मुख्य अतिथि-कार्यक्रम के लिए परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह को मुख्य अतिथि बनाया गया था। वह कार्यक्रम खत्म होने के लगभग 40 मिनट बाद रैली स्थल पर पहुंचे। इससे चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। दबी जुबान पार्टी कार्यकर्ता कह रहे थे कि परिवहन मंत्री रैली से दूरी बनाना चाहते थे इसलिए वह कार्यक्रम में देरी से पहुंचे। कार्यक्रम को डॉ अरविंद राजभर,अरुण राजभर, विधायक बेदी राम दिल्ली प्रदेश के शिवसेना अध्यक्ष संदीप चौधरी ने संबोधित किया।
राजभर-सुभासपा के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता अरुण राजभर ने भाजपा के मंत्री अनिल राजभर को समाज का कालिनेमी बताया। उन्होंने कहा कि अगर अनिल राजभर के आगे से अगर भाजपा अपना झंडा हटा ले तो पता चल जाएगा कि किसकी कितनी स्वीकार्यता है। वे लीडर नहीं लोडर हैं। ओमप्रकाश राजभर ने हर वर्ग को सामाजिक न्याय दिलाने का काम किया है। सामाजिक सहभागिता रैली में बड़ी संख्या में हर वर्ग की सहभागिता है।
