बेनामी पट्टों के जरिये बसपा विधायक का बढ़ता गया खनन का कारोबार, आयकर की जांच में हुए कई अहम खुलासे
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लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी के विधायक उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर बीते दिनों आयकर विभाग के छापों के बाद जांच में कई अहम खुलासे हो रहे हैं। जांच में सामने आया है कि सोनभद्र और मिर्जापुर में खनन के करीब 80 फीसद बेनामी पट्टे उमाशंकर सिंह के करीबियों को दिए गए थे। करीबियों की फर्मों के नाम पर बड़े पैमाने पर अवैध खनन भी हो रहा था। छापे के दौरान इससे संबंधित दस्तावेज मिलने के बाद आयकर विभाग अब बैंक खातों की जांच में जुट गया है ताकि खातों में भेजी गई रकम के जरिये उमाशंकर के करीबियों पर शिकंजा कसा जा सके। वहीं दूसरी ओर राजधानी निवासी खनन कारोबारी इश्तियाक के ठिकानों से भी आयकर विभाग को तमाम ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जो खनन के कारोबार से होने वाली कमाई का बड़ा हिस्सा कई माफिया को बांटने से जुड़े हैं। अब इन दस्तावेजों की जांच के बाद जिन माफिया को बतौर वसूली करोड़ों रुपये दिए जाते थे, उन पर भी शिकंजा कसा जाएगा। जांच में यह भी सामने आया है कि इश्तियाक पर पूर्वांचल के एक बड़े माफिया का वरदहस्त था।
उमाशंकर सिंह के खनन के कारोबार को नुकसान पहुंचाने के लिए दोनों का सिंडिकेट बना था, जो दोनों जिलों में अपनी पैठ बनाता जा रहा था। मिर्जापुर के एक माफिया की इस सिंडिकेट से बीते दिनों अनबन भी हुई थी। फिलहाल आयकर विभाग की इस कार्रवाई के बाद दोनों जिलों में हो रहे अवैध खनन के कारोबार पर अंकुश लगने के साथ सिंडिकेट को भी नुकसान पहुंचेगा।
