चार एजेंसियों और चार राज्यों की पुलिस को चकमा दे रहा कफ सिरप तस्करी का मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल
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वाराणसी। कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी के बड़े सिंडिकेट का सरगना और भगोड़ा शुभम जायसवाल पिछले 90 दिनों से पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों को चकमा दे रहा है। उसकी तलाश में उत्तर प्रदेश पुलिस की एसआईटी, एसटीएफ, नारकोटिक्स विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) समेत चार एजेंसियां जुटी हैं, लेकिन अब तक उसकी सटीक लोकेशन का पता नहीं चल सका है। शुभम जायसवाल की तलाश हिमाचल प्रदेश, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश सहित वाराणसी कमिश्नरेट, सोनभद्र, जौनपुर, चंदौली और गाजियाबाद की पुलिस कर रही है। बावजूद इसके वह गिरफ्तारी से बचता आ रहा है। पुलिस ने उस पर इनाम घोषित करने, कुर्की नोटिस जारी करने और संपत्ति जब्त करने जैसी कार्रवाई भी कर ली है, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। जांच एजेंसियों के अनुसार, आखिरी बार 5 नवंबर को उसकी लोकेशन बाबतपुर एयरपोर्ट से दुबई के लिए ट्रेस हुई थी। बीच में उसका एक वीडियो भी वायरल हुआ, जिसे लेकर आशंका जताई जा रही है कि वह दुबई से ही जारी किया गया। शुभम की कई तस्वीरें और वीडियो पहले भी दुबई से सामने आ चुके हैं, जिससे एजेंसियां उसके वहीं छिपे होने की संभावना जता रही हैं। इस मामले में शुभम के साथ प्रशांत उपाध्याय भी फरार है। एजेंसियों को शक है कि दोनों अलग-अलग स्थानों से गिरोह का संचालन कर रहे हैं—शुभम दुबई से और प्रशांत कोलकाता से। बताया जा रहा है कि दोनों जांच से बचने के लिए कानूनी रणनीति भी तैयार कर रहे हैं।
अब तक इस मामले में 50 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और करीब 150 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति जब्त की जा चुकी है। वहीं, पुलिस ने कई संदिग्ध व्यापारियों से भी पूछताछ की है।
गौरतलब है कि कोविड के बाद शुभम जायसवाल ने अपने पुश्तैनी दवा कारोबार को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैलाया। उसने धनबाद में “शैली ट्रेडर्स” के नाम से फर्म बनाकर हिमाचल प्रदेश की कंपनियों से कफ सिरप खरीदकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए बांग्लादेश तक तस्करी कराई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुख्य आरोपी को पकड़ने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई की जा रही है और जांच हर बिंदु पर आगे बढ़ाई जा रही है।
