आजमगढ़: शिबली में 44 लाख के भुगतान पर जांच, प्राचार्य और मैनेजमेंट से कड़े सवाल
1 min readआजमगढ़। बोर्ड ऑफ रेवेन्यू की जांच टीम ने बुधवार को शिबली कैंपस पहुंचकर 44 लाख रुपये के भुगतान को लेकर प्राचार्य और मैनेजमेंट से कड़ी पूछताछ की। जांच का मुख्य फोकस उस खाते से हुए भुगतान पर रहा, जिसका एकल संचालन प्राचार्य के पास है। सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान कर्मचारियों और प्राचार्य से लगातार सवाल-जवाब हुए, जिससे माहौल तनावपूर्ण रहा।
जांच टीम ने खासतौर पर इस बात पर जोर दिया कि एसटीएससी खाते से, जिसमें प्राचार्य सीधे भुगतान नहीं कर सकते, 44 लाख रुपये का भुगतान कैसे हुआ। टीम ने पूछा कि ऐसी क्या परिस्थितियां थीं और क्या यह सरकारी धन का दुरुपयोग नहीं है। लगभग तीन घंटे तक चली पूछताछ में प्राचार्य को कठिन सवालों का सामना करना पड़ा। जांच दल के तीन सदस्यों ने सवाल किए, जबकि दो सदस्य जवाबों को नोट करते रहे।
सूत्रों के अनुसार, जांच टीम सुबह 11 बजे शिबली पहुंची और करीब 3:45 बजे तक कैंपस में रही। मंगलवार को भी टीम UP32BG-4826 नंबर की बोलेरो गाड़ी से पहुंची थी, जिस पर “अपर आयुक्त वित्त, वाराणसी मंडल, वाराणसी” लिखा था। शिबली के गेस्ट हाउस में ठहरकर यह टीम अपनी जांच कर रही है और 31 मई तक रुकने की संभावना है।
जांच का नेतृत्व वित्त एवं लेखाधिकारी अवधेश सिंह कर रहे हैं। उनके साथ लेखाकार ज्ञानेश्वर मिश्रा, लियाकत और अन्य वित्त विभाग के अधिकारी शामिल हैं। हालांकि, प्राचार्य मामले को मैनेज करने की कोशिश में जुटे हैं, लेकिन जांच के सवालों ने मैनेजमेंट को पसीने छुड़ा दिए।
