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आजमगढ़ : क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर 10 हजार करोड़ की ठगी, पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज

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बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी, हेराफेरी और गबन का खुलासा

आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को सौंपे गए एक सनसनीखेज शिकायती पत्र में देशभर में क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी, हेराफेरी और गबन का खुलासा हुआ है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि आजमगढ़ निवासी अनिल यादव द्वारा संचालित एसबीजी (SBG) नामक कंपनी ने भोली-भाली जनता को आकर्षक लाभ का लालच देकर लगभग 10,000 करोड़ रुपये का घोटाला किया है। अनिल यादव के दुबई भागने की बात सामने आई है, जबकि उनके सहयोगी सुग्रीव सिंह, चन्द्रजीत दास, श्रवण सिंह और अन्य एजेंट पूरे भारत में ठगी का जाल बिछा रहे हैं। शिकायत के अनुसार, एसबीजी कंपनी और इसके एजेंट भारी मुनाफे और कमीशन का लालच देकर बेरोजगार नौजवानों, व्यवसायियों और आम लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि सुग्रीव सिंह, जो खुद को पीजीआई का डॉक्टर और अपनी पत्नी सरस्वती सिंह को स्टाफ नर्स बताकर लोगों का विश्वास जीतता था, ने उनसे 20 लाख रुपये नकद लेकर एसबीजी में निवेश करवाया। सुग्रीव ने दावा किया था कि 20 महीनों में यह राशि तीन गुना से अधिक हो जाएगी और पैसे की पूरी गारंटी उनकी है। हालांकि, कुछ महीनों बाद कंपनी से भुगतान बंद हो गया और पता चला कि यह एक बड़ा घोटाला है। शिकायतकर्ता ने बताया कि जब उन्होंने सुग्रीव सिंह से अपने पैसे की मांग की, तो सुग्रीव ने लखनऊ में जमीन रजिस्ट्री कराने का वादा किया। 2 जनवरी 2024 को चिरैयाकोट में चन्द्रजीत दास और श्रवण सिंह से मुलाकात के दौरान भी इन्होंने भरोसा दिलाया कि फरवरी 2024 से भुगतान शुरू हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके अतिरिक्त, शिकायतकर्ता के बेटे के 192 डॉलर की क्रिप्टो ट्रांजेक्शन में भी धोखाधड़ी हुई, जब सुग्रीव के निर्देश पर ट्रांजेक्शन किसी अन्य पते पर चला गया। सुग्रीव ने इसकी जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया और कहा कि ऐसी घटनाएं 10-15 अन्य लोगों के साथ भी हो चुकी हैं।

शिकायती पत्र में दावा किया गया है कि सुग्रीव सिंह, उनकी पत्नी सरस्वती सिंह, चन्द्रजीत दास, श्रवण सिंह और अनिल यादव ने मिलकर हजारों लोगों को ठगा है। ये लोग निवेशकों के आईडी डिलीट कर उनके पैसे हड़प रहे हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि सुग्रीव ने अक्टूबर 2024 तक पैसे लौटाने का वादा किया था, लेकिन 27 अक्टूबर 2024 को उन्होंने कहा कि उनका आईडी खत्म हो चुका है और अब पैसा वापस नहीं मिलेगा। इससे शिकायतकर्ता मानसिक रूप से परेशान हैं और उनका भविष्य अंधकारमय हो गया है। शिकायतकर्ता ने पुलिस महानिदेशक से मांग की है कि क्रिप्टोकरेंसी के इस अवैध कारोबार पर पूर्ण अंकुश लगाया जाए। साथ ही, अनिल यादव, सुग्रीव सिंह, सरस्वती सिंह, चन्द्रजीत दास, श्रवण सिंह और उनके गिरोह के अन्य सदस्यों को गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता ने अपने और अन्य प्रभावित लोगों के पैसे वापस दिलाने की गुहार लगाई है।

इस मामले में जहानागंज पुलिस ने चन्द्रजीत दास निवासी चिरैयाकोट, चिरैयाकोट, मऊ, सुग्रीव सिंह, सरस्वती सिंह पत्नी सुग्रीव सिंह निवासी पीजीआई चक्रपानपुर, जहानागंज, अनिल यादव एसबीजी संचालक, श्रवण सिंह, निवासी आजमगढ़ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

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