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बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर आयकर छापा, दो साल में कंपनियों का कारोबार दोगुना

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खनन और सड़क निर्माण के ठेकों से जुड़े दस्तावेज जब्त, बेहिसाब लेनदेन के मिले सुराग 

लखनऊ। उमाशंकर सिंह के विभिन्न ठिकानों पर आयकर विभाग द्वारा की गई छापेमारी में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि विधायक और उनके करीबियों की कंपनियों का बीते दो वर्षों में कारोबार लगभग दोगुना हो गया। खासकर खनन और सड़क निर्माण जैसे सरकारी ठेकों में उनकी कंपनियों की सक्रिय भागीदारी के प्रमाण मिले हैं। तलाशी के दौरान विभिन्न स्थानों से कागज के पन्ने, डायरी, हस्तलिखित दस्तावेज और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। ये दस्तावेज कथित तौर पर बेहिसाब लेनदेन और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े बताए जा रहे हैं। आयकर विभाग अब यह भी खंगाल रहा है कि विधायक और उनके करीबी लोगों की कंपनियों ने खनन के कितने पट्टे हासिल किए तथा वास्तविक खनन कितना किया गया। सूत्रों के अनुसार, बीते वर्ष भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट में उमाशंकर सिंह से जुड़ी कंपनियों पर अवैध खनन के चलते लगभग 60 करोड़ रुपये की राजस्व हानि का उल्लेख किया गया था। माना जा रहा है कि इसी रिपोर्ट के आधार पर आयकर विभाग ने कार्रवाई तेज की। अधिकारियों के मुताबिक अन्य ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई शुक्रवार तक जारी रह सकती है। इधर, आयकर की कार्रवाई को लेकर विधायक के बेटे प्रिंस युकेश सिंह ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि गोमतीनगर स्थित आवास और कार्यालय पर विभागीय जांच हुई है। उन्होंने बताया कि उनके पिता और पूरा परिवार आयकर अधिकारियों को पूरा सहयोग दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उमाशंकर सिंह स्वस्थ हैं और दवाओं व आराम का ध्यान रखते हुए जांच में सहयोग कर रहे हैं।

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